इस साल मौसम का रुख चौंका रहा है। कभी घना कोहरा तो कभी चटख धूप निकलती है। ऐसे में खेती किसानी करने वालों के माथे पर शिकन है। वहीं शहरी क्षेत्रों में लोग मौसम के मिजाज पर चर्चा करते रहते हैं। शुक्रवार को सुबह कोहरा होने और उसके बाद दिन में धूप और शाम होते ही आसमान में बादल व कोहरा छाने लगा। शुक्रवार को न्यूनतम पारा 10 और अधिकतम पारा 22 डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले साल 1 से 10 जनवरी के मौसम के मिजाज पर नजर डाले तो इस वर्ष मौसम गर्म है। पिछले वर्ष उक्त अवधि में दो बार बूंदाबांदी और बारिश से तापमान का औसत स्तर अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 4 डिग्री सेल्सियस के आस पास रहा था जबकि इस बार 1 से 8 जनवरी तक तापमान का औसत स्तर अधिकतम 23.0 एवं न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस के आस पास है। जिससे कृषि वैज्ञानिक एवं मौसम के जानकारों के माथों पर भी बल पड़ जाते है।
कृषि वैज्ञानिक डा. अनिल कुमार कहते है कि पिछले 4 वर्षों में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब 25 दिसंबर से 8 जनवरी के पखबारे में न तो पानी बरसा है और न ही तापमान 4 और 5 डिग्री के आस पास आया है। गेहूं की फसल के लिए तापमान में गिरावट अच्छा माना जाता है। अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि तापमान में गिरावट अगले 10 दिनों में आएगी लेकिन इसका कोई वैज्ञानिक अनुमान तो नहीं है फिर भी बारिश की संभावनाओं को देखते हुए ऐसी उम्मींद कर रहे है।
मौसम के जानकार जयशंकर मिश्रा कहते है कि मौसम का रूख चौंकाने वाला है। कुछ भी कहना सिर्फ उम्मींद के तौर पर मान्य है संभावना की जा सकती है कि अगले कुछ दिनों में मौसम के मिजाज ठंडे पड़ेेंगे । जिस तरह से कभी घना कोहरा तो अगले ही दिन चटख धूप होती है उससे निश्चित तौर पर कुछ कहना संभव नहीं है ।