विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शुक्रवार को
हुई गोष्ठी में प्राधिकरण सचिव सीजेएम श्याम शंकर ने कहा कि बाल श्रम को
समाज द्वारा ज्यादा बेहतर तरीके से रोका जा सकता है।
सीजेएम ने कहा कि
बाल श्रम एक प्रकार का सामाजिक अपराध है। उन्होंने कहा कि समाज में रहने
वाले बच्चे किन्हीं न किन्हीं कारणों के चलते ही श्रम करते हैं अथवा उन्हें
श्रम करने को मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा कि बाल श्रम रोकने के लिए
सामाजिक चेतना लानी होगी।
कहा कि सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं को चाहिए
कि मिलकर कार्य करें। गोष्ठी में क्षेत्राधिकारी बिलग्राम अरविंद वर्मा,
डिप्टी जेलर विनोद कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम जहेंद्र पाल
सिंह, सिविल जार्ज जूनियर डिवीजन बृजेश यादव आदि ने भी विचार रखे।