मंच से जनता का अभिवादन करतीं बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती।
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हरदोई। बसपा प्रमुख मायावती ने रविवार को जनसभा को संबोधित करते हुए आरक्षण खत्म होने का डर दिखाते हुए भाजपा पर निशाना साधा। कहा कि भाजपा सत्तासीन हुई तो आरक्षण खत्म कर देगी। इसका सबसे अधिक नुकसान दलितों एवं पिछड़ों को होगा। चुनावी चुग्गा फेंकते हुए यह भी एलान किया कि बसपा की सरकार बनने पर गरीबों का एक लाख रुपये तक का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। एमडीएम में रोटी-सब्जी की जगह केक, अंडा, दूध और फल दिया जाएगा और वर्तमान बार्डर स्कीम को बंद कर पुलिस अवकाश नगदीकरण को लागू कराया जाएगा। व्य्पारियों की समस्या निस्तारण के लिए अलग से आयोग बनेगा।
शहर के आईटीआई मैदान पर पार्टी प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जनसभा में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती करीब 2:40 मिनट पर हेलीकाप्टर से पहुंचीं। मायावती ने कहा कि सपा की पांच और भाजपा की पौने तीन साल की सरकार में जनता को कुछ भला नहीं किया। नरेंद्र मोदी ने चुनाव से पहले विदेशों से कालाधन लाकर गरीबों के खातें में 15 से 20 लाख देने और किसानों का कर्ज माफ करने की बात कही थी। मोदी सरकार अपने चुनावी वादे पूरे नहीं कर पाई है। भाजपा सरकार ने उल्टे नोटबंदी कर गरीबों की परेशानी बढ़ा दी।
नोटबंदी के 10 महीने पहले ही अपने लोगों का कालाधन ठिकाने लगा दिया था। केंद्र की मानसिकता जातिवादी है। आरएसएस के एजेंडे पर चल रहे भाजपा की अगर प्रदेश में सरकार बनी तो दलितों, पिछड़ों का आरक्षण खत्म कर देगी या उसे प्रभावहीन कर देगी। पदोन्नति में आरक्षण अभी से प्रभावहीन कर दिया है। रोहित बेमूला और दादरी सहित कई घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दलितों और अल्पसंख्यकों पर अत्याचार किए जा रहे हैं। तीन तलाक, जामिया, अलीगढ़ यूनिवर्सिटी के मुद्दों पर अल्पसंख्यकों को लुभाने की कोशिश की। बड़ी बड़ी बातें करने वाली भाजपा के पास मुख्यमंत्री तक का चेहरा नहीं है। बसपा भत्ता नहीं सरकार और गैर सरकारी क्षेत्रों रोजगार देगी। लैपटाप, मोबाइल नहीं हम जरूरत के हिसाब से आर्थिक मदद करेंगे। अब बसपा स्मारक और संग्रहालय नहीं बनाएगी, केवल भ्रष्टाचार खत्म करने और विकास पर ध्यान देगी।