बदले मौसम के बीच मंगलवार को हुई बारिश से ठंड और बढ़ गई है। मौसम के इस मिजाज से खेतों को हल्का पानी मिला तो बाजारों में गर्म कपड़ों के ठंडे बाजार में गर्माहट ला दी। हल्की बारिश से ही आज जन जीवन अस्त व्यस्त रहा। दिन भर रुक-रुक कर हुई बारिश से यातायात ठहरा सा रहा रहा, वहीं स्कूली बच्चों सहित कामगरों को तमाम दिक्कतें हुई।
नए साल की पहली बारिश से पारा लुढ़कने के साथ ही शीत लहर तीखी हो गई। इस साल का अब तक दिन सबसे ज्यादा गलन महसूस कराने वाला ठंडा दिन रहा । दिन का तापमान गत दिन की अपेक्षा 2 डिग्री सेल्सियस लुढ़क गया। लोग क ड़ाके की सर्दी के अहसास के साथ कांप उठे। अधिकतम स्तर 16 और न्यूनतम स्तर 5 डिग्री सेल्सियस रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 19.0 और न्यूनतम 6.0 डिग्री सेल्सियस था । बारिश होेने एवं ठंडी हवाओं के चलते लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम के मिजाज 14 जनवरी की रात से बदलने शुरू हुए तो जिले में शीत लहर दौड़ गई। तब से लगातार मौसम के मिजाज तीखे हो रहे है। शाम होते ही लोग घरों में दुबकने लगे। ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया वहीं घरों में भी अंगीठी आदि जलाकर ठंड से राहत पाई।
जिला कृषि अधिकारी का कहना है कि मौसम के मिजाज फिलहाल गेहूं की फसल के लिए ठीक है मगर आगे भी बारिश होती है या फिर पाला पड़ता है तो इससे आलू एवं सब्जियों के साथ दलहन की फसलों को नुकसान होगा । मंगलवार को करीब 2 से 3 मिमी बारिश हुई है। ज्यादा बारिश होने पर नुकसान हो सकता है।
सर्द मौसम के चलते सुबह से हवाओं के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी के चलते जहां लोगों को घरों में दुबकना पड़ा, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चें को संकटों से जूझना पड़ा। शाम को तेज हुई बारिश के साथ हवाओं ने भी गति पकड़ ली। मौसम विभाग के पूर्व अनुमान के तहत सुबह सात बजे से ही घने बादलों के बाद बारिश शुरू हो गई। जिसके कारण स्कूल जाने वाले बच्चें को वाहनों तक पहुंचने के लिए छाते का सहारा लेना पड़ा। वहीं इस बरसात से किसानों की माने तो आलू और सरसों की फसलों को ज्यादा नुकसान होगा। जबकि गेहूं की फसल को इसका लाभ मिलेगा। सुबह से शाम तक हल्की बारिश जारी रही, जिससे लोगों का आवागमन ठप रहा और लोग घरों में दुबके रहे। देर शाम को हवाओं ने तेजी पकड़ ली और बारिश भी तेज हो गई। जिसने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया।