हरदोई। बीते बुधवार को उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के बाद जनपद में तैनात परिवहन अधिकारी भी कार्रवाई को लेकर सक्रिय हो गए हैं। शुक्रवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने दो बसों को सीज कर दिया। इनमें से एक बस का परमिट ही ऑनलाइन नजर नहीं आ रहा था, जबकि दूसरी बस रिजर्व पार्टी का परमिट लेकर सवारियां ढो रही थी।
उन्नाव हादसे के बाद परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह ने बसों, उनके पंजीकरण और परमिट को लेकर विस्तृत जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। खासतौर से डबल डेकर और स्लीपर बसों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को संभागीय परिवहन अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने सांडी में एक स्लीपर बस को सीज कर दिया। यह बस यात्रियों को बैठाने की तैयारी में सड़क किनारे खड़ी की गई थी।
जांच के दौरान बस का परमिट ऑनलाइन नजर नहीं आया और इसका मैनुअल परमिट भी चालक नहीं दिखा सका। इस पर बस को सीज कर दिया गया। दूसरी और यात्री कर अधिकारी विवेक सिंह ने भी पिहानी-जहानीखेड़ा मार्ग पर एक स्लीपर बस सीज कर दी। इस बस के पास रिजर्व पार्टी का परमिट था, लेकिन दिल्ली के लिए फुटकर सवारियां बैठाई जा रही थीं। संभागीय परिवहन अधिकारी संजीव कुमार सिंह ने बताया कि यह अभियान लगातार चलेगा और कार्रवाई भी की जाएगी।
परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मल्लावां में भी जांच अभियान चलाया। इस दौरान दो ओवरलोड ट्रक सीज कर दिए गए।
जनपद में पंजीकृत ई-रिक्शों पर लगभग दो लाख रुपये का टैक्स बकाया था। शुक्रवार को चलाए गए अभियान के दौरान 15 ई-रिक्शों से तकरीबन दो लाख रुपये का टैक्स जमा कराया गया।