नवरात्र के चौथे दिन मंगलवार को पंचम स्कंद माता की आराधना की गई। दिन भर मंदिरों में मां की पूजा को लेकर भक्तों की भीड़ जुटी रही। शहर
के श्रीराम जानकी मंदिर, फूलमती मंदिर, दुर्गा मंदिर, बाला जी मंदिर, मौनी
बाबा मंदिर, तुरंत नाथ मंदिर, सिद्धनाथ मंदिर आदि मंदिराें में देवी का
पूजन दिन भर चलता रहा।
भीड़ के बाद भी भक्तों में मां के दर्शन को भीड़ का
उत्साह कम नहीं हुआ। नवरात्र के छठवें दिन बुधवार को मां दुर्गा के छठवें
स्वरूप कात्यायनी की आराधना व पूजन किया जाएगा। मां कात्यायनी का स्वरूप
अत्यंत ही भव्य एवं दिव्य है। इनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला है। इनकी
चार भुजाएं है।
योग साधना में इस आज्ञा चक्र का महत्वपूर्ण स्थान है। मां
कात्यायनी की भक्ति और उपासना द्वारा मनुष्य क ो बड़ी सरलता से अर्थ, धर्म,
काम और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति हो जाती है। व्यक्ति के रोग, शोक,
भय आदि सभी नष्ट हो जाते हैं। उधर, नवरात्र पर्व को लेकर जिले में उत्सव
सा माहौल बना हुआ है।
हर तरफ देवी मां के गुणगान के स्वर सुनाई पड़ रहे
हैं। सात दिन तक चलने वाले इस पर्व पर देवी भक्त सभी दुर्व्यसनों को छोड़कर
मां की आराधना में लीन हो रहे हैं। सभी लोग सुख समृद्धि की कामना के साथ
देवी मंदिरों में मत्था टेक कर महामाई की पूजा अर्चना कर रहे हैं।
इसके साथ
ही शहर से लेकर गांवों तक जागरण कार्यक्रम आयोजित होने क ा सिलसिला चल
निकला है। शहर के संतोषी माता मंदिर व बाबा सिद्धनाथ मंदिर में मंगलवार को
जगराता व भजन आदि का कार्यक्रम आयोजित हुआ।