लखीमपुर जिले में बारातियों से भरी वैन
मैंगलगंज-जमुनिया के बीच स्थित मानव रहित क्रासिंग पर ट्रेन से टकराने के
बाद हुई छह मौतों की खबर से दुल्हन का इंतजार कर रहे बेलाकपूरपुर गांव में
सेवाराम उर्फ छुटक्के के घर में कोहराम मच गया। बारात में शामिल होने आए कई
रिश्तेदारों के भी हादसे में मरने से पूरे गांव में शोक छाया हुआ है।
हादसे
को लेकर गांव में दिन भर मृतकों के घर के आसपास भीड़भाड़ जमा रही और
पड़ोसियों ने अपने घर के चूल्हे भी नहीं जलाए। मिली जानकारी के अनुसार,
सोमवार को बेलाकपूरपुर गांव निवासी सेवाराम उर्फ छुटक्के की बारात लखीमपुर
जिले के जमुनिया गांव गई थी।
रात को सारे वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न होने के
बाद वधू की विदाई की तैयारी थी। इस बीच पहले से घर को रवाना हुई बारातियों
से भरी एक वैन मैंगलगंज-जमुनिया के बीच स्थित मानव राहित क्रासिंग के पास
ट्रेन से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में छह बारातियों की मौके पर ही मौत हो
गई, जबकि चालक सहित कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे में दूल्हा के
भाई का साला सत्यप्रकाश पुत्र खरगू निवासी कमालपुर, संतोष पुत्र महेंदू,
दूल्हे का भतीजा विपिन पुत्र रामलड़ैते तथा दूल्हे का बहनोई रामस्वरूप
पुत्र डोरी निवासी दनियापुर शाहाबाद समेत छह लोगाें की मौके पर ही मौत हो
गई।
दो अन्य की शिनाख्त शाम चार बजे तक नहीं हो सकी थी। इधर, गांव में
दूल्हे की बूढ़ी मां चौबे और भाभी आदि महिलाएं दुल्हन का इंतजार कर रही
थीं। हादसे के बाद विदाई टल गई और दुल्हन के इंतजार में बैठे परिजनों को एक
साथ छह मौतों का समाचार मिला, तो इनके करुण क्रंदन से पूरे गांव का कलेजा
हिल गया।
कुछ घंटे पहले जिस घर में शादी की तैयारियों के बीच शहनाई की गूंज
थीं, वहां इस मनहूस समाचार से थोड़ी ही देर में सारा मंजर बदल गया था।
दुल्हन के आने के बाद दावत की तैयारियां रुक गईं और परंपरागत वैवाहिक
गीतोें की गूंज ठहर कर चीखों में तब्दील हो गई।
इस गम के माहौल में आसपास
के ग्रामीणों ने अपने घरों में भी चूल्हे नहीं जलाए और घायलों की खबर लेने
का लगे रहे।