संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई/संडीला। डेंगू का डंक लगातार जानलेवा साबित हो रहा है। हरदोई शहर के गंगानगर कालोनी निवासी महिला की डेंगू की चपेट में आकर मंगलवार सुबह लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। इससे इतर संडीला के मंगलबाजार निवासी महिला की भी सोमवार शाम डेंगू से मौत हो गई। संडीला में बड़ी संख्या में लोग डेंगू से पीड़ित हैं। इनमें से अधिकांश मरीज लखनऊ के प्राइवेट अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं।
शहर के मोहल्ला गंगानगर निवासी कुमुद मुरारी शुक्ला रेलवे में कार्यालय अधीक्षक पद से तीन महीने पहले सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी पत्नी साधना शुक्ला (55) को बीती तीन अक्तूबर को तेज बुखार आया था। शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार कराया गया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ। परिजन उन्हें लखनऊ में एक नामी प्राइवेट अस्पताल में ले गए। यहां जांच के दौरान डेंगू की पुष्टि हुई। मंगलवार सुबह साधना ने लखनऊ में ही दम तोड़ दिया।
उधर दूसरी ओर संडीला के मंगलबाजार निवासी अयाज की पत्नी जूही बानो (25) को पिछले चार दिन से बुखार आ रहा था। संडीला के एक प्राइवेट अस्पताल में उपचार चल रहा था। आठ अक्तूबर को जांच में डेंगू की पुष्टि हुई और तब तक उसकी हालत काफी बिगड़ गई। नौ अक्तूबर की देर शाम परिजन उसे गंभीर हालत में इलाज के लिए लखनऊ ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
कस्बे में भी बड़ी संख्या में लोगों के डेंगू से पीड़ित होने की बात सामने आई है, लेकिन सीएचसी अधीक्षक डाॅ. शरद वैश्य ने इससे इन्कार किया है। सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि बुखार के मरीजों की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भेजा जाता है। मंगलवार को मीरनगर अजिगवां में 80 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनमें से 20 बुखार पीड़ितों की मलेरिया की जांच कराई गई, लेकिन कोई भी मलेरिया पॉजिटिव नहीं मिला।
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बुखार से अधेड़ की मौत
कोथावां विकास खंड की ग्राम पंचायत गेंगलापुर के मजरा हुलासपुर निवासी सियाराम (52) को सोमवार रात तेज बुखार आया था। मंगलवार सुबह पत्नी बिटोला उसे उपचार के लिए लखनऊ लेकर जा रही थी। रास्ते में सियाराम की मौत हो गई। गांव में दो और लोग भी बुखार से पीड़ित हैं।