हरदोई। कानपुर देहात के मड़ौली गांव में मां- बेटी की जिंदा जलकर हुई मौत के मामले में प्रदेश सरकार ने हरदोई पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी के नेतृत्व में पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। गुरुवार की देर शाम एसपी के नेतृत्व में एसआईटी टीम यहां से कानपुर देहात के लिए रवाना हो गई है। शुक्रवार (आज) की सुबह एसआईटी घटनास्थल पर पहुंचकर हादसे की जांच पड़ताल करेगी।
कानपुर देहात के मड़ौली गांव में हुए अग्निकांड की जांच के लिए पांच सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है। सीनियर आईपीएस अधिकारी एवं हरदोई के पुलिस अधीक्षक राजेश द्विवेदी को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि तेजतर्रार पुलिस अधिकारी सीओ (बघौली) विकास जायसवाल को विवेचक की जिम्मेदारी सौपी गई है। इसके अलावा निरीक्षक संजय पांडेय और रमेश चंद्र पांडेय के साथ महिला पुलिस अधिकारी राम सुखारी को टीम में सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। एसआईटी को एक सप्ताह के अंदर पूरे मामले पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को देने के निर्देश दिए गए हैं। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि एसआईटी का गठन करके टीम को कानपुर देहात के लिए रवाना कर दिया गया है। शुक्रवार की सुबह टीम घटनास्थल पर पहुंचकर अपनी जांच शुरू कर देगी।
ऐसे हुई थी मां बेटी की जलने से मौत
कानपुर देहात मैथा तहसील के मड़ौली गांव में कृष्ण गोपाल दीक्षित के खिलाफ अवैध कब्जा करने की शिकायत थी। सोमवार को एसडीएम मैथा ज्ञानेश्वर प्रसाद, पुलिस व राजस्व कर्मियों के साथ गांव में अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। इस दौरान जेसीबी से नल और मंदिर तोड़ने के साथ ही छप्पर गिरा दिया। इससे छप्पर में आग लग गई और वहां मौजूद प्रमिला (44) व उनकी बेटी नेहा (18) की आग की चपेट में आने से जलकर मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कृष्ण गोपाल गंभीर रूप से झुलस गए थे।
अब तक इन पर हुई कार्यवाही
पुलिस ने परिवार की तहरीर के आधार पर एसडीएम, लेखपाल व थाना प्रभारी सहित 39 लोगों के ऊपर मुकदमा दर्ज कर लिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस जेसीबी चालक दीपक व लेखपाल अशोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया है और तत्कालीन मैथा एसडीएम को हिरासत में ले लिया है।