कहना गलत न होगा कि खाद को लेकर शासन प्रशासन द्वारा
किए गए दावे झूठे साबित हो रहे हैं। खाद की कमी को देखते हुए किसान ही
नहीं, बल्कि अब उनके घरों की गृहणियां भी न सिर्फ केंद्रों पर लाइन लगाने
को मजबूर हैं, बल्कि अनियमितता को देखकर डीएम कार्यालय तक शिकायत लेकर
पहुंचने लगी है।
मंगलवार को भी कुछ ऐसा ही हुआ। खाद की कालाबाजारी की
शिकायत को लेकर कलक्ट्रेट में किसानों के साथ महिलाओं ने भी नारेबाजी की
तथा डीएम से खाद की मांग की। कलक्ट्रेट परिसर में पहुंचे किसानों की अगुवाई
कर रही सुषमा मिश्रा ने बताया कि शहर के मीरा टाकीज के निकट स्थित क्रय
विक्रय सहकारी समिति पर खाद काफी मात्रा में मौजूद है, पर इसके बावजूद
किसानों को यूरिया देने से मना किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि
विक्रेता द्वारा यह कहकर टाल दिया जाता है कि सप्लाई नहीं आ रही तो किसानों
को कहां से दें। किसानों का कहना है कि खाद न मिलने से उनका कृषि कार्य
पूरी तरह से प्रभावित चल रहा है। यदि यही हाल रहा तो खाद न मिलने के कारण
खेती चौपट हो जाएगी और अन्नदाता अन्न के एक-एक दाने को मोहताज हो जाएगा।
इस
दौरान किसानों ने कलक्ट्रेट में जोरदार नारेबाजी की तथा जिलाधिकारी को
संबोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट लक्ष्मी शंकर सिंह को सौंपकर सेंटर के
खिलाफ जांच करवाने एवं किसानों को खाद मुहैया कराने की मांग की। इस मौके पर
रघुनावती, अमित पाल, रामआसरे, वीरेंद्र, श्यामलाल, राम कुमार, रामविलास और
संतराम आदि मौजूद थे।