नुमाइश मैदान में श्री रामलीला का मंचन करते कलाकार
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हरदोई। भगवान शिव को पाने के लिए पार्वती ने अपनी तपस्या को नहीं छोड़ा और तप करती रहीं। आखिरकार पार्वती की तपस्या से शिव प्रसन्न हुए और शिव व पार्वती का विवाह हुआ। नुमाइश मैदान में चल रही श्रीराम लीला के दौरान शिव पार्वती विवाह व पार्वती के तप के मंचन देख भक्त भाव विभोर हो गए।
वृंदावन से आए कलाकारों ने सती के रूप में पार्वती जन्म से लेकर उनके तप व उनके विवाह का जीवंत मंचन किया। सती ने राजा हिमांचल एवं रानी मैना के घर जन्म लिया। नारद कुछ सालों बाद पार्वती के घर गए और उनकी हस्त रेखा देखकर उनको भगवान शिव की तपस्या करने को कहा।
नारद की बातें और शिव को पाने की इच्छा पार्वती के हृदय में घर कर गई। जिसके बाद पार्वती ने तप करना शुरू किया तो उन्होंने हठ नहीं छोड़ा। यह देख भगवान शिव प्रसन्न हुए और उन्होंने पार्वती को अपनी पत्नी बनाना स्वीकार किया। मंचन करने वालों में प्रेम शंकर द्विवेदी, वियोग चंद्र मिश्रा, राकेश गुप्ता, बृजेश शुक्ला, प्रमोद मिश्रा आदि मौजूद रहे।