शिक्षामित्रों के समायोजन की निर्धारित तिथि बीतने के
बाद 680 शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन नहीं हो सका। इससे
गुस्साए शिक्षामित्राें ने सोमवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान बीएसए पर
दोषपूर्ण कार्यशैली अपनाने का आरोप लगाया।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक
शिक्षामित्र संघ के तत्वावधान में आयोजित धरना प्रदर्शन मेें जिलाध्यक्ष
मनीराम राजपूत ने कहा कि शासनादेश के अनुसार 30 मई तक द्वितीय बैच के सभी
शिक्षामित्रों का समायोजन किया जाना था, पर बीएसए की दोषपूर्ण कार्यशैली के
कारण अभी तक 680 शिक्षामित्रों का समायोजन नहीं हो सका, जबकि निर्धारित
तिथि बीत चुकी है।
उन्होंने कहा कि शासनादेश के अनुसार 3 व 4 वर्ष के
टीचरों की पदोन्नति कर रिक्त पदों पर शिक्षामित्रों का समायोजन किया जाना
था, जबकि जिले में तीन वर्ष के टीचरों की पदोन्नति नहीं की गई। कहा कि
जिनकी पदोन्नति हुई उनमें 711 टीचरों को कार्यभार ग्रहण करना था, पर अभी तक
मात्र 367 टीचरों ने ही कार्य भार ग्रहण किया।
आरोप लगाया कि बीएसए
कार्यभार ग्रहण न करने वाले टीचरों का संशोधन कर रहे हैं, जो उचित नहीं है
और प्रथम बैच मेें नगर क्षेत्र के शिक्षामित्रों को ग्रामीण क्षेत्र में
तैनात कर दिया गया। जिनको वापस करना था, पर वह वापस नहीं किए गए। आरोप
लगाया कि जून माह में सेवानिवृत्त होने वाले टीचरों के रिक्त पदों को भी
नहीं जोड़ा गया।
इससे शिक्षामित्रों का समायोजन नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि शासनादेश के विपरीत टीचर और शिक्षामित्रों को अफसरों
द्वारा गैर शिक्षण कार्य में लगा दिया गया, जो उचित नहीं है। इस मौके पर
मंडल अध्यक्ष संजीव यादव, जिला मंत्री राम प्रताप सिंह सहित कई शिक्षामित्र
मौजूद थे।