पिहानी (हरदोई)। प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि नफरत फैलाने वाले हर चैनल पर पाबंदी लगनी चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म से संबंध रखता हो। देश में नफरत नहीं, प्यार का माहौल बनाने की जरूरत है। चेताया कि मंदिर-मस्जिद मुद्दे से आवाम को बरगलाया नहीं जा सकता। अब लोग काम देखते हैं।
नगर के मोहल्ला कोटकलां में निजी कार्यक्रम में मौलाना जव्वाद ने ‘अमर उजाला’ से कहा कि जाकिर नायक जैसे लोगों के बयानों की जांच होनी चाहिए। नफरत फैलाने की छूट किसी को नहीं होनी चाहिए। प्रवीण तोगड़िया और योगी आदित्यनाथ की बयानबाजी पर भी पाबंदी लगे। समान नागरिक संहिता का विरोध मुस्लिम ही नहीं, हिंदू भी कर रहे हैं। मोदी सरकार ने अब तक मुस्लिमों के लिए कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं किया है। सपा के 18 प्रतिशत मुस्लिम आरक्षण के वादे पर भी उन्होंने व्यंग्य कसा।
कहा कि वादा मुलायम का पोता ही पूरा कर सकता है। बोले कि मंदिर- मस्जिद मुद्दों का हवा देकर शासन-सत्ता पर काबिज हो जाने के खेल अब पुराने हो चुके हैं। आवाम जमीनी हकीकत पर ही मिजाज बनाते हैं। बिहार इसकी ताजा मिसाल है। कहा कि मौजूदा दौर में मुस्लिमों के लगभग सारे सियासी चेहरे नकली हैं। मुस्लिमों को इन्हें चुनाव में सजा देनी चाहिए।