परमपिता परमात्मा ने अपने सभी बच्चों को विशिष्ट
क्षमताओं से नवाजा है, परंतु महिलाओं को विशेष गुणों और क्षमताओं से
परिपूर्ण किया, ताकि वह विश्व परिवर्तन को दिशा दे सकें। महिलाएं सेवा,
शक्ति और प्रेम का साकार रूप हैं।
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विवि
के सेवा केंद्र पर रविवार को हुए आत्मानुभूति सृजन गाथा कार्यक्रम में यह
बात बीके रोशनी ने कही। कहा कि नारी को समाज का सहयोग मिलने लगे तो वह
संपूर्ण विश्व में स्वयं प्रतिबिंबित होने लगेगा। रुक्मणी दीक्षित द्वारा
रचित आत्मानुभूति नामक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।
पुस्तक के बाबत बताया
गया कि यह पुस्तक ऐसे परिवेश में प्रकाशित हुई, जब व्यक्ति के जीवन में
सारे भौतिक सुख होते हुए भी उसका मन अशांत, तन अस्वस्थ एवं जीवन तनावग्रस्त
बना हुआ है। भौतिक सुखों के मायाजाल में उलझ कर व्यक्ति स्वयं को भूल गया
है।
यह पुस्तक जीवन की विषम परिस्थितियों में सरल और सरस जीवन जीने की
राह दिखाती है। इसके अध्ययन में व्यक्ति को अनुभूतियों को पहचानने और
परमपिता परमात्मा से प्राप्त जीवन निधि को सार्थक बनाने में मदद मिल सकेगी।
कार्यक्रम के दौरान रचनाकार रुक्मणी दीक्षित को सम्मानित भी किया गया।
इस
मौके पर डा. सावित्री शुक्ला, लीला पाठक, राजकुमार दीक्षित, सलिल दीक्षित,
शोभना दीक्षित, प्रतिभा मिश्रा, अंजू दीक्षित, शिखा दीक्षित, इंद्रपाल
वर्मा, एनसी शुक्ला, मेजर एसएन यादव, शांति, सतीश और पूजा आदि मौजूद थे। उधर,
शिव विश्व कल्याण संस्था की महिला शाखा की गोष्ठी का आयोजन आलूथोक
स्थित अलका मिश्रा के घर पर हुई।
महिला शाखा के पदाधिकारी और सदस्यों ने
सामूहिक शिव प्रार्थना की। धर्म प्रचारिका शिवकृपा गुप्ता ने कहा कि दहेज
प्रथा एवं कन्या भ्रूण हत्या की घृणित मानसिकता का समूह नाश करना होगा। कहा
कि नारी जननी ही नहीं समाज व राष्ट्र को सुसंस्कृत एवं सुशिक्षित बनाने
में अहम भूमिका अदा करनी होगा।
बच्चों को संस्कारित एवं नैतिकता के गुणों
में पिरोने के लिए सत्संग में उनकी सहभागिता का सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने
कहा कि दहेज व कन्या भ्रूण हत्या के कुकृत्यों को रोकने को खुद की
मानसिकता में भी परिवर्तन लाना होगा। अलका मिश्रा ने नारी सशक्तिकरण की
पुरजोर वकालत की।
इस मौके पर नीता सिंह, अर्चना सिंह व सुषमा सिंह ने कहा
कि हमें अपने अधिकार और कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए। बैठक में शिव
प्यारी मिश्रा, ऊषा पांडेय, स्वीटी गुप्ता, सर्वेश गुप्ता, नीलम पांडेय,
मंजू शुक्ला, आशा सिंह, दीपिका सिंह आदि मौजूद थे।
उधर, संत आसाराम आश्रम
द्वारा संचालित महिला उत्थान मंडल की संस्कृति रक्षा यात्रा का आयोजन कर
महिला उत्थान की कामना की गई। यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से निकाली गई।
यात्रा रामायण भवन नघेटा रोड से शुरू होकर रामदत्त चौराहा में समाप्त हुई।
इस
दौरान कानून परिवर्तन कब नामक पत्रिका भी वितरित की गई। इस मौके पर
संगीता, रीता शुक्ला, सरोजनी गुप्ता, वीना गुप्ता, श्रद्धा मिश्रा, माधुरी,
अर्चना शुक्ला, कौशिकी, ऋचा ओमर, शकुंतला राठौर, रामदेवी राठौर, गीतिका
सिंह, ऊषा गुप्ता, मीना गुप्ता, शिवांगी अवस्थी, प्रतिभा गुप्ता, गीता
मिश्रा, अमिता पांडे आदि थे।
उधर, कृष्णा एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर
सोसाइटी की एक गोष्ठी हुई, जिसमें अर्चना दीक्षित ने कहा कि महिलाओं की
सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार के साथ पुरुषों की भी है। घर से लेकर बाहर तक
पुरुषों को यह समझने की जरूरत है कि नारी का सम्मान उसका हक है।