भरावन (हरदोई)। हरदोई-सीतापुर जनपद की सीमा पर गोमती नदी के तेरवा महादेव घाट पर बड़ी संख्या में मवेशियों के शव मिलने की जानकारी पर एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गईं।
टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से नदी की जलकुंभी में फंसे मवेशियों के बाकी शव भी शुक्रवार को निकलवा लिए। कुल 54 मवेशियों के शव बरामद हुए हैं। पोस्टमार्टम के बाद इन्हें दफन करा दिया गया।
तेरवा महादेव घाट पर गुरुवार को गोमती नदी में बड़ी संख्या में मवेशियों के शव मिलने पर खलबली मच गई थी। संडीला एसडीएम तान्या सिंह और सीओ शिल्पा कुमारी मौके पर पहुंची थीं। शाम को 30 मवेशियों के शव निकलवाकर दफन करा दिए गए थे।
पूरे मामले की जानकारी पर लखनऊ से एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम में शामिल कर्मचारियों ने स्थानीय लोगों की मदद से नदी में उतरा रहे और जलकुंभी में फंसे बाकी शव भी बरामद कर लिए।
डिप्टी सीवीओ डा. सतेंद्र कुमार की देखरेख में पशु चिकित्साधिकारी शंभू शरण चौधरी की टीम ने मवेशियों का पोस्टमार्टम किया। उन्होंने बताया कि बरामद शवों में से 13 गोवंशों की मौत अधिक आयु होने के कारण हुई है। सर्दी के कारण पांच बछड़े और एक पड़वा की जान गई है। एक जंगली सुअर की मौत पानी में डूब जाने के कारण हुई है।
उन्होंने बताया कि बरामद मवेशियों में 21 मवेशी सीतापुर जनपद की सीमा में मिले हैं। डीएम एमपी सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। फिलहाल किसी भी मवेशी में गोआश्रय स्थल के टैग लगे नहीं मिले हैं। एसडीएम ने भी बताया है कि प्रथम दृष्टया बहते हुए शव जलकुंभी में आकर फंसे हैं।