प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्रों को लाभान्वित किए जाने का एक और बड़ा मामला सामने आया है। बेंहदर विकास खंड की ग्राम पंचायत उसरहा में 31 अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत चयनित कर लिया गया। चयन होने के बाद इनके बैंक खातों में योजना के तहत दी जाने वाली 40,000 रुपये की पहली किस्त भी भेज दी गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चयनित लाभार्थियों को एक लाख बीस हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। यह सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। लाभार्थियों को चयन की जिम्मेदारी खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, ब्लाक में तैनात पटल सहायक और ग्राम प्रधान पर संयुक्त रूप से होती है।
गत वित्तीय वर्ष में इस योजना के तहत बेंहदर विकास खंड के ग्राम उसरहा में 35 लोगों को लाभान्वित किया गया था। इसी माह मुख्य विकास अधिकारी को शिकायत मिली थी कि जिन लोगों को लाभान्वित किया गया है, उनमें से बड़ी संख्या में अपात्र हैं। इस प्रकरण की जांच उपायुक्त स्वत: रोजगार एसके गुप्ता को दी गई थी। सहयोग के लिए ग्राम्य विकास अभिकरण के सहायक अभियंता राजेश भदौरिया को लगाया गया था।
सूत्रों की मानें तो जांच के दौरान 35 में से 31 लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। दुबई में रहने वाले एक व्यक्ति को भी योजना से लाभान्वित कर दिया गया। संबंधित व्यक्ति के यहां आए बिना ही उसके बैंक खाते से आवासीय योजना के तहत दी गई सहायता भी आहरित कर ली गई। ग्राम प्रधान ने अपने ही भाई को भी आवासीय योजना का लाभ दे डाला। सूत्र बताते हैं कि पूरे प्रकरण में खंड विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और ग्राम प्रधान के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भी जांच अधिकारियों ने की है।
ग्राम पंचायत उसरहा में प्रधानमंत्री आवास आवंटन की जांच की गई है। इसमें बड़ी संख्या में गड़बड़ियां मिली हैं। जांच रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। जल्द आगे की कार्रवाई होगी।
- एसके गुप्ता, उपायुक्त स्वत: रोजगार