हरदोई। शासन ने किसानों को सिंचाई सुविधा के साथ ही शारदा नहर विभाग की भूमि के सीमांकन पर भी ध्यान दिया है। शासन ने सिंचाई और जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता के प्रस्ताव पर संडीला रजबहा की पुनर्स्थापना और भूमि के सीमांकन के लिए दो करोड़ से अधिक रुपये की स्वीकृति दी है।
सिंचाई और जल संसाधन विभाग ने नहरों, रजबहों और माइनर की पुनर्स्थापना और साफ-सफाई पर ध्यान दिया है। किसानों को निशुल्क सिंचाई की सुविधा दी गई है। खरीफ फसलों का सीजन चल रहा है। खरीफ की मुख्य फसल धान के लिए पानी की अधिक आवश्यकता होती है। सिंचाई विभाग ने जिले में निकले करीब 25 किलोमीटर लंबाई वाले संडीला रजबहा की पुनर्स्थापना और भूमि सीमांकन का प्रस्ताव शासन को भेजा था।
जिले के प्रस्ताव पर तकनीकी स्वीकृति के साथ ही प्रमुख अभियंता ने 19 मई को प्रस्ताव वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति के लिए शासन में भेजा। शासन ने प्रस्ताव के परीक्षण के बाद प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति दी है। शासन के संयुक्त सचिव रमाकांत वर्मा ने स्वीकृति का आदेश जारी कर दिया है। इसमें कहा कि तीन करोड़ के प्रस्ताव पर शासन ने दो करोड़, 29 लाख, 86 हजार रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति चालू वित्तीय वर्ष में दी है।
शासन ने स्वीकृति के साथ ही रुपये भी दे दिए हैं। इससे जल्द ही प्रक्रिया पूरी कराते हुए काम भी शुरू कराए जाने की उम्मीद है। संडीला रजबहा की पुनर्स्थापना और भूमि सीमांकन से क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की सुविधा में आसानी होगी।
शासन ने संडीला रजबहा की पुनर्स्थापना और भूमि सीमांकन की स्वीकृति के साथ रुपये भी दे दिए हैं। शारदा नहर विभाग के माध्यम से काम कराया जाएगा। अधिशासी अभियंता को काम की प्रक्रिया पूरी कराते हुए समय से गुणवत्तापरक काम कराने के लिए कहा गया है। इससे किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। -सौम्या गुरूरानी, सीडीओ