हरदोई। औद्योगिक क्षेत्र संडीला में संचालित रहीं संडीला दूध डेयरी से लिए दूध के चार नमूना सहित सभी सात नमूने फेल हो गए। दूध को अधोमानक पाया गया है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में दूध आमजन के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी न होने पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने संडीला दूध डेयरी का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। कारोबार पर रोक लगा दी है। वाद आयोजित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संडीला औद्योगिक क्षेत्र में संचालित रही संडीला दूध डेयरी परिसर में ही पूनम दूध डेयरी के नाम से भी कारोबार होता था। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम की तरफ से लिए गए नमूनों की रिपोर्ट जिले को प्राप्त हो गई है। रिपोर्ट में दूध डेयरी में दो टैंकर और दो ड्रमों में मिले दूध के नमूने फेल हुए हैं। दूध को आमजन के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया है।
सहायक आयुक्त खाद्य कुमार गुंजन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि प्रयोगशाला से सभी सात नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। लैक्टोज पाउडर को चिलिंग प्लांट पर उपयोग में लाए जाने पर 2.00 लाख रुपये का जुर्माना है, जबकि केमिकल के घोल और दानेदार सामग्री पर 10.00 लाख रुपये तक का जुर्माना है।
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दूध फटने न पाए इसके लिए मिलाते थे सोडियम हाइड्रोक्साइड
संडीला दूध डेयरी उद्योग में मंगलवार रात निरीक्षण मिली सामग्री में दानेदार पाउडर भी मिला था। सहायक आयुक्त खाद्य कुमार गुंजन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में दानेदार सामग्री को सोडियम हाइड्रोक्साइड बताया गया है। सोडियम हाइड्रोक्साइड को दूध को फटने (खराब होने) से बचाने के लिए प्रयोग में लाया जाता था।
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घोल में मिला केमिकल न घी और न ही वेजिटेबल तेल
संडीला दूध डेयरी उद्योग में निरीक्षण के समय एक डिब्बा में करीब 15 लीटर केमिकल मिला था। सहायक आयुक्त ने बताया कि घोल के रूप में मिले पदार्थ को प्रयोगशाला रिपोर्ट न तो वेजिटेवल तेल और न ही घी बताया गया है। यह पदार्थ स्वास्थ्य के हानिकारक है।
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चिलिंग प्लांट में नहीं रखा जा सकता है लैक्टोज पाउडर
सहायक आयुक्त कुमार गुंजन और मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके श्रीवास्तव ने बताया कि फैक्टरी में चार बोरी में करीब 100 किलोग्राम लैक्टोज पाउडर मिला है। इसे दूध के चिलिंग प्लांट पर उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। आशंका है कि लैक्टोज पाउडर को दूध में मिलाकर मिठास और गाढ़ापान लाया जाता रहा होगा।