फोटो-14- ग्राम अहिरावां में शादी में मालती को आशीर्वाद देती समाजसेवी डॉ. विभा सिंह व पूर्व पालिकाध्
- फोटो : HARDOI
संडीला। लॉकडाउन में काम बंद होने से आर्थिक तंगी के चलते मजदूर के सामने बेटी की शादी टालने की नौबत आ गई। मामला संज्ञान में आने पर समाजसेवी व अन्य लोगों ने आगे बढ़कर मदद की, जिसके चलते मंगलवार को पूर्व निर्धारित समय पर मजदूर की बेटी की धूमधाम से शादी हुई और विदा हो गई।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अहिरावां निवासी राजेंद्र पाल मजदूरी करता है। राजेंद्र के एक बेटा व दो बेटी हैं। राजेंद्र ने कुछ माह पहले ही बेटी मालती की शादी क्षेत्र के ग्राम जमपुरा निवासी महेश से तय कर दी। सब कुुछ सही चल रहा था, लेकिन मार्च में कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने लॉकडाउन कर दिया। इसके चलते राजेंद्र का काम धंधा पूरी तरह से बंद हो गया। परिवार का जीवन यापन तो जैसे तैसे होता रहा, लेकिन बेटी की शादी की तारीख नजदीक आने पर उसकी परेशानी बढ़ने लगी। 9 जून को बेटी की शादी की प्रस्तावित थी, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते राजेंद्र की हिम्मत जवाब देने लगी।
परेशानी बढ़ने पर राजेंद्र ने शादी टालने का मन बना लिया, इस बीच मामला कस्बा निवासी समाजसेवी डॉ. विभा सिंह के संज्ञान में आया। विभा सिंह ने आगे आकर न सिर्फ मदद करने की पेशकश की, बल्कि शादी के सभी जरूरी इंतजाम भी किए। प्रशासन से शादी की अनुमति लेने के साथ ही आनन फानन में सारे इंतजाम किए गए। मंगलवार को 9 जून को डॉ. विभा सिंह की मौजूदगी में तय समय पर जमपुरा से न सिर्फ महेश बारात लेकर आया, धूमधाम से मालती की शादी हुई।
समाजसेवी व टीआरएस कान्वेंट स्कूल की डॉयरेक्टर डॉ. विभा सिंह समेत समाजसेवी व पूर्व पालिकाध्यक्ष शैलेश अग्निहोत्री एवं व्यवसायी सुरेंद्र चावला ने भी मौके पर पहुंच कर परिवार को आर्थिक मदद व वर वधू को आशीर्वाद एवं तोहफे दिए। बुधवार की सुबह बहू बनी मालती की विदाई की गई। राजेंद्र पाल ने बताया कि उसने कभी नहीं सोंचा था कि संकट के इस दौर में उसकी बेटी की शादी इस धूमधाम से होगी। वह बेटी की शादी में मदद करने वाले सभी लोगों का आभारी है।