राज्य पोषण मिशन के अंतर्गत गोद लिए ब्लाक कछौना की ग्राम पंचायत पतसेनी देहात के गांव तेरवा का निरीक्षण का मुख्य विकास अधिकारी ने किया। उन्होंने विलेज हेल्थ न्यूट्रेशन डे के आयोजन पर व्यवस्थाएं जांची। जिसमें एएनएम के पास जांच किटें न होने तथा बैठक कार्यवृत्त पंजिका न होने पर सीएचसी कछौना के अधीक्षक का वेतन रोक दिया। अतिकुपोषित बच्चों की जांच में स्थिति सुधरने पर सीडीओ ने संतोष जताया।
सूबे में कुपोषण की रोकथाम के लिए राज्य पोषण मिशन के तहत जिला स्तरीय अधिकारियों को गांवों को गोद दिए गए हैं। जनपद में जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने भी दो-दो गांव गोद लिए हैं। विकास खंड कछौना की ग्राम पंचायत पतसेनी देहात को मुख्य विकास अधिकारी आरएनएस यादव ने गोद लिया।
ग्राम पंचायत के गांव तेरवा का बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी ने निरीक्षण किया। मिशन के अंतर्गत विलेज हेल्थ न्यूट्रीशियन डे (वीएचएनडी) का आयोजन किया जा रहा था। जिसके तहत एएनएम द्वारा स्वास्थ्य विभाग की सेवाएं दी जानी थीं। मुख्य विकास अधिकारी ने वीएचएनडी के मध्य पहुंच प्रदत्त सेवाओं के बारे में जानकारी ली। जिसमें तीन गर्भवती महिलाओं की जांच व 13 बच्चों को टीकाकरण होना मिला।
मुख्य विकास अधिकारी ने एएनएम संतोष कुमारी से चिकित्सा विभाग से मिली किटों के बारे में जानकारी ली। जिसमें हिमोग्लोबिन की जांच किट साथ न होकर घर में होने तथा बैठक की कार्यवृत्ति भी न होने की जानकारी दी गई। ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समिति की बैठक न कराने और प्रधान को भी जानकारी न देने की बात सामने आई। जिस पर सीडीओ ने कछौना सीएचसी के अधीक्षक का वेतन रोक दिया।
गत निरीक्षण के सापेक्ष 11 अतिकुपोषित में से छह बच्चे कुपोषित की तथा 17 कुपोषित बच्चों में से छह बच्चे सामान्य श्रेणी में आने की स्थिति पर संतोष जताया। ग्राम प्रधान शिवदयाल को प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में 12 फीट के वृक्ष लगाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीडीपीओ मीना मिश्रा, चिकित्सा अधीक्षक आरपी दीक्षित, सुपरवाइजर बृजेश कुमारी व कार्यकत्री कमलेश कुमारी मौजूद रहे।