सवायजपुर। बावन के ग्राम सहिजना स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय शुक्रवार को लंबे अर्से बाद खुला। ‘अमर उजाला’ में स्कूल बंद होने, बच्चों को किताब और स्वेटर न वितरित करने की खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को अनुदेशक इलियास और धीरेंद्र ने स्कूल पहुंचकर पंजीकृत 120 में से 30 बच्चों को स्वेटर और किताबें बांटी।
उधर, बीएसए ने यहां तैनात शिक्षिका का वेतन तीनों अनुदेशकों का मानदेय रोके जाने का आदेश दिया है। बीएसए ने संविलियन विद्यालय होने के कारण प्राथमिक विद्यालय के स्टॉफ का भी मानदेय रोक दिया है।
बावन विकास खंड के ग्राम सहिजना स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय लगभग छह माह से बंद चल रहा था। यहां तैनात शिक्षिका सुशील लता, अनुदेशक इलियास, रोहित और धीरेंद्र बिना किसी सूचना के स्कूल नहीं आ रहे थे। हाल ही में हुए एसडीएम के निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने इसकी शिकायत की थी।
गुरुवार को ‘अमर उजाला’ ने पड़ताल की तो स्कूल बंद मिला। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षिका सुशील लता समेत तीनों अनुदेशक कई महीनों से नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों ने बताया था कि अब तक बच्चों को किताबें, स्वेटर और यूनिफार्म तक नहीं बांटे गए हैं।
‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। खबर प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को अनुदेशक इलियास और धीरेंद्र ने स्कूल पहुंचकर 30 बच्चों को स्वेटर व पुस्तकें बांटी। बताया कि प्रधानाचार्य के आने पर बच्चों को कोटेदार से राशन दिलवाया जाएगा।
उधर, बीएसए ने प्रकाशित खबर व एसडीएम के निरीक्षण की खबर का संज्ञान लेते हुए आरोपी शिक्षकों पर कार्रवाई की है। बीएसए हेमंत राव ने हरदोई नगर में संबद्ध की गईं शिक्षिका सुशील लता का संबद्धीकरण निरस्त करते हुए उन्हें मूल तैनाती पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए। साथ ही शिक्षिका सुशील लता का वेतन और अनुदेशक इलियास, रोहित व धीरेंद्र का मानदेय रोक दिया है।
बीएसए ने बताया कि संविलियन विद्यालय होने के कारण प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की भी शिथिलता सामने आई है। प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाचार्य का वेतन और तीनों शिक्षामित्रों का मानदेय रोक दिया है।