हरदोई। सात वर्ष पहले हुई गैर इरादतन हत्या की घटना में अपर जिला जज दीपक यादव ने पिता पुत्र समेत चार को दोषी मानते हुए दस-दस वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई है।
अपर जिला जज दीपक यादव की अदालत में चल रहे मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह और कृपाल राठौर ने पैरवी की। अधिवक्ताओं के मुताबिक बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जरौआ निवासी पारस सिंह का अपने पड़ोसी संदीप सिंह उर्फ देवेंद्र प्रताप सिंह से नाली के निकास को लेकर विवाद हुआ था। 28 अगस्त 2013 की शाम को लगभग छह बजे पारस सिंह अपने चाचा शिवराज सिंह के साथ खेत से घर लौट रहा था।
रास्ते में उसे गांव निवासी लल्ला सिंह पुत्र रणधीर सिंह उनका पुत्र संदीप उर्फ देवेंद्र प्रताप सिंह, गांव निवासी दयानंद उर्फ राम सिंह पुत्र जुगराज और उनके पुत्र अंशुमान सिंह ने घेर लिया। विपक्षियों ने पारस सिंह और शिवराज सिंह को मारा पीटा। उपचार के दौरान शिवराज सिंह की मौत हो गई। घटना की रिपोर्ट मृतक शिवराज सिंह के पुत्र बृजपाल सिंह ने दर्ज कराई थी। पूरे मामले की सुनवाई के बाद चारों आरोपियों को गैर इरादतन हत्या का दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई व 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की रकम शिवराज के वारिस और रिपोर्ट दर्ज कराने वाले को दिए जाने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं।