हरदोई। भागदौड़ की जीवन शैली, बढ़ती उम्र व व्यायाम की कमी से लोगों में आस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी पनप चुकी है जिससे लोगों की हड्डियां खोखली होती जा रही हैं। खासतौर पर पुरूषों की अपेक्षा महिलाओं में यह बीमारी तेजी से पनपती नजर आ रही है।
वरिष्ठ चिकित्सक सीपी कटियार का कहना है कि कई लोग आकर शिकायत करते हैं कि उनकी पीठ में कई सालों से दर्द हो रहा है पर कोई दवा फायदा नहीं कर रही। सिर्फ सिंकाई व मालिश से ही थोड़ा आराम मिलता है।
उनका कहना है कि अक्सर ऐसे रोगियों के एक्स-रे व बीएमडी डेक्सा स्कैन के बाद पता चलता है कि उनकी रीढ़ की हड्डी बेहद कमजोर है। कई जगह फैक्चर हो गया है। हड्डियों के बीच के डिस्क पतले हो गए हैं।
इससे उनकी लंबाई में पांच सेंटीमीटर तक की कमी देखी जा रही है। उनका कहना है कि जिले में भी ऑस्टियोपोरोसिस के रोगी मिलने लगे हैं। यह बीमारी चुपके-चुपके हड्डियों को कमजोर करती जाती है।
उनका कहना है कि अक्सर इसका पता तब चलता है जब रीढ़, कलाई या कूल्हे की हड्डी में फ्रैक्चर हो जाता है। बीमारी अंदर ही अंदर हड्डियों को इस तरह पतला, कमजोर व खोखला कर देती है कि हल्की चोट से भी हड्डी टूट जाती है। इसको लेकर वह सिर्फ इस बात की सलाह देना चाहते हैं कि नियमित व्यायाम करें और कैल्शियम व विटामिन डी से भरपूर पौष्टिक आहार लें।