भारतीय संस्कृति के अनुसार नव संवत् 2072 का प्रारंभ
चैत्र मास, शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शनिवार से होगा। मान्यता है कि यह दिन
सृष्टि के आरंभ का दिन है भारतीय काल गणना इसी दिन से प्रारंभ होती है। जो
लोग नव संवत् के बारे मेें जानते एवं समझते है वह नव संवत् का स्वागत करने
के लिए तैयार है।
जिस तरह से हर साल 1 जनवरी को पूरे विश्व में नया साल
मनाया जाता है उसी तरह से भारत वर्ष में नव संवत् को मनाया तो नहीं जाता,
पर ज्योतिष पंचांग आदि की गणना इसी के साथ होने के अलावा पुरोहितों एवं
पुराने लोगोें के बीच आज भी विक्रम संवत का खासा महत्व है।
नव संवत्सर की
पूर्व संध्या पर आरएसएस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने शनिवार को गांधी
भवन में जिला स्तरीय पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान सैकड़ों की
संख्या में गांधी भवन से शुरू होकर नुमाइश चौराहा, बड़ा चौराहा, बाबा मंदिर
तिराहा, रामदत्त चौराहा, बड़ा चौराहा, सिनेमा चौराहा, सोल्जर बोर्ड चौराहा
आदि मार्गों से गुजरा।
गांधी भवन में आयोजित कार्यक्रम
के दौरान क्षेत्र कार्यवाहक राम कुमार ने कहा कि नव वर्ष पर डा. हेडगेवार
का जन्म दिन भी है। डा. साहब ने कहा था कि हमें अपने जीवन में कभी यह कहने
का अवसर न आए कि मैं स्वयं सेवक था। अपितु यह कहें कि मैं स्वयं सेवक हूं।
इसके लिए संघ की शाखाओं से जुड़ने का आह्वान किया। इस मौके पर सह नगर
कार्यवाहक रमेश चंद्र गुप्ता, सह प्रांत प्रचारक गोरक्षा प्रांत कौशल
किशोर, विभाग संघ चालक वेद गुप्त, जगन्नाथ, जयरतन, प्रमोद, डा. अवधेश,
राहुल, मिथिलेश, रमेश, शिव स्वरूप, हरिओम, विनीत, संजीव, राम नरेश, जयसिंह
आदि मौजूद थे।