हरदोई। शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। इंतजाम सिर्फ बातों तक सीमित हैं। आलम यह है कि सुबह हो या शाम जिधर से निकलो, जाम लगा मिलता है। जाम में फंसकर कोई ऑफिस देर से पहुंचता है तो किसी की ट्रेन छूट जाती है। कई बार तो जाम में एंबुलेंस फंसने मरीज की जान पर बन आती है। जिम्मेदार अतिक्रमण को इसकी वजह बताते हैं। चौराहों पर तैनात यातायात कर्मी जाम की समस्या के सामने बेबस नजर आते हैं। शुक्रवार को भी यही तस्वीर नजर आई।
ऑटो, रिक्शा, टेंपो और टैक्सी की बढ़ती संख्या भी जाम का कारण है। करीब एक दशक से शहर में बाईपास व फ्लाईओवर की जरूरत है लेकिन मामला सिर्फ कार्ययोजना तक सिमटा है ।
यहां रोजाना फंसते लोग
नुमाइश चौराहा, छोटा चौराहा, बड़ा चौराहा, मुन्नेमियां चौराहा, सिनेमा रोड, लखनऊ चुंगी, जिंदपीर चौराहा, अस्पताल तिराहे, सोल्जर बोर्ड चौराहा, पिहानी चुंगी, बावन चुंगी।
अस्थायी डिवाइडर का अता-पता नहीं
यातायात को व्यवस्थित करने के लिए दो वर्ष पहले जिला प्रशासन ने बड़ी पहल की थी। सभी प्रमुख सड़कों पर डिवाइडर बनाए जाने थे। इसके लिए शुरुआती तौर पर सभी चौराहों के आसपास की सड़कों पर 100 मीटर की दूरी तक कहीं पत्थर तो कहीं लोहे के एंगल लगाकर अस्थायी डिवाइडर बनाए गए थे। सांडी रोड पर भारी वाहनों ने एंगलों को रौंद दिया। इसी तरह अन्य स्थानों पर भी अस्थायी डिवाइडर गुुम हो गए।
वरिष्ठ नागरिकों ने बताई समस्या
वरिष्ठ नागरिक एमडी गुप्ता और जीएस मिश्रा ने कहा कि दो दशक में वाहनों की संख्या 10 गुना अधिक हो गई है। सबसे ज्यादा ऑटो, रिक्शा, टेंपो हैं। हर चौराहे पर प्रति मिनट औसतन 10 से 20 वाहन निकलते हैं। इसके साथ ही बड़े वाहनों में रोडवेज एवं प्राइवेट बसें, ट्रैक्टर ट्रॉली आदि की आवाजाही कई गुना बढ़ चुकी है। इससे जाम लगने की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में बाईपास के साथ फ्लाईओवर बनाने की आवश्यकता है।
वर्जन
नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी रविशंकर ने कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान समय-समय पर चलता है। नगर पालिका की प्रमुख सड़क नघेटा रोड पर डिवाइडर बने हैं। इसे जिंदपीर चौराहे तक ले जाने पर विचार चल रहा है। शहर की सभी प्रमुख सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। बाईपास, फ्लाईओवर, डिवाइडर आदि के लिए पीडब्ल्यूडी को आवश्यकतानुसार आकलन कर कार्ययोजना बनानी होगी।
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पीडब्ल्यूडी के एक्सईन एचडी अहिवार ने कहा कि लखनऊ रोड से शाहजहांपुर मार्ग तक बाईपास का कार्य एनएचएआई को कराना है। इसके लिए कार्रवाई चल रही है। शहर के भीतर से निकलीं सड़कों पर डिवाइडर के लिए सर्वे आदि कराकर कार्ययोजना शासन को भेजी जाएगी।