हरदोई। पेट्रोल की बढ़ती कीमत ने लोगों के वाहनों के चयन का भी मिजाज बदल दिया है। लोग अब इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनी पसंद बनाने लगे हैं। इसके चलते इलेक्ट्रिक वाहनों के कारोबार में तेजी आई है वहीं इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली सब्सिडी ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। पिछले कुछ दिनों में ई-वाहनों के शोरूम पर खरीदारों की संख्या बढ़ी है।
पेट्रोल की कीमत 100 रुपये के पार होने से रोज का सफर करना दूभर होता जा रहा है वहीं इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च महज 15 से 20 पैसे प्रति किलोमीटर आ रहा है। शुरुआती दिनों में ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा डर चार्जिंग को लेकर था लेकिन अब सरकार और निजी कंपनियों के सहयोग से हाईवे, मॉल्स और पेट्रोल पंप पर चार्जिंग स्टेशन तेजी से इंस्टॉल हो रहे हैं। फास्ट चार्जिंग तकनीक की मदद से अब महज 40 से 50 मिनट में गाड़ियां फुल चार्ज हो रही हैं जिससे लंबी दूरी का सफर भी आसान हो गया है। जिले में सामान्य दिनों में जहां एक माह के दौरान करीब 100 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री होती थी वहीं पिछले सप्ताह लगभग 200 ई-वाहन बिक चुके हैं। अचानक बढ़ी बिक्री ने वाहन विक्रेताओं को भी खुश कर दिया है।
ई-स्कूटी के मैनेजर अंश त्रिवेदी ने बताया कि पहले लोग ईवी को लेकर डरते थे लेकिन पेट्रोल के बढ़ते दामों के कारण इलेक्ट्रिक वाहन की बुकिंग में 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
-ग्राहक कुलदीप सिंह ने बताया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इलेक्ट्रिक वाहन एक बेहतर विकल्प है। आगे भी पेट्रोल की उपलब्धता प्रभावित होती है तो इलेक्ट्रिक वाहन अधिक सुविधाजनक साबित होगा।
85 हजार रुपये से शुरू होती है कीमत
शहर में वर्तमान में करीब 12 से 15 ई-वाहन शोरूम संचालित हैं। दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की औसत कीमत लगभग 85 हजार रुपये है जबकि कुछ मॉडलों की कीमत 1.40 लाख रुपये तक पहुंच रही है। ई-वाहन विक्रेता मनीष ने बताया कि पिछले आठ दिनों से लोगों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। विशेषकर पिछले चार दिनों में बिक्री में वृद्धि दर्ज की गई है।