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Hardoi News: मलेरिया, टाइफाइड और डेंगू के संभावित मरीज बढ़े, एक दिन में 663 ने कराई जांच

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फोटो-09- पैथोलॉजी के बाहर परेशान खड़े मरीज। संवाद - फोटो : credit
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हरदोई। बारिश और फिर तेज धूप निकलने से बढ़ती उमस के कारण जिले में संक्रामक बीमारियों प्रकोप बढ़ गया है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना सैकड़ों मरीज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, अत्यधिक कमजोरी और सर्दी-जुकाम की शिकायतें लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टर मरीजों की स्थिति व लक्षणों को देखते हुए खून की जांच कराने की सलाह दे रहे हैं। इससे इन दिनों जांच कराने वालों की भीड़ बढ़ रही है। मंगलवार को 663 मरीज जांच के लिए पंजीकरण कराने पहुंचे।
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बार-बार बारिश के बाद वातावरण में नमी और उमस बढ़ने से वायरल संक्रमण के साथ मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। विभिन्न प्रकार के बुखार के साथ ही स्वाइन फ्लू ने भी तेजी पकड़ रखी है। हालांकि स्वाइन फ्लू के मरीजों की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है लेकिन अब जांच शुरू होने से संदिग्ध मरीजों की पहचान की जा सकेगी। वहीं इन दिनों टाइफाइड, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की जांचें की जा रही हैं। ओपीडी में पहुंच रहे अधिकांश मरीजों में तेज बुखार के साथ सिरदर्द, बदन दर्द, गले में खराश और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण सामने आ रहे हैं। इसको लेकर डॉक्टर भी मरीजों को रक्त नमूनों की जांच कराने की सलाह दे रहे हैं।
बता दें कि मंगलवार को सेंट्रल लैब की पैथोलॉजी में करीब 663 मरीजों ने रक्त नमूनों की जांच के लिए पंजीकरण कराया। लैब प्रबंधक कुलदीप सिंह देव ने बताया कि वायरल संक्रमण बढ़ने से रोजाना सैकड़ों मरीज जांच के लिए आ रहे हैं। मंगलवार को मलेरिया के 182 नमूने, टाइफाइड के 205 नमूने, डेंगू के करीब 80 नमूने और चिकनगुनिया के करीब 12 मरीजों के नमूने लिए गए। जिनकी जांच की जा रही है।
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टाइफाइड और मलेरिया के निकल रहे अधिक मरीज
पैथोलॉजी में जांच के बाद टाइफाइड और मलेरिया के मरीज अधिक आ रहे हैं। रक्त नमूनों में टाइफाइड के 20 से 25 मरीज पॉजिटिव और मलेरिया के 15 से 17 मरीज आ रहे हैं। इसी प्रकार डेंगू के मरीज भी कम मिल रहे है। हालांकि चिकनगुनिया का भी संक्रमित मरीज अभी नहीं मिला है।


डॉक्टरोंं ने बचाव की दी सलाह
मेडिकल कॉलेज प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बचाव की सलाह में बताया कि जलभराव और हवा में नमी के कारण मच्छरों व बैक्टीरिया का प्रसार तेजी से होता है। वायरल संक्रमण की चपेट में आने वाले मरीजों में तेज बुखार के साथ गले में खराश और शरीर में ऐंठन की समस्या अधिक देखी जा रही है। मरीजों को बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से दवा नहीं लेनी चाहिए। पानी को उबालकर या साफ पानी ही पीएं। घर के आसपास जलभराव न होने दें, कूलर व गमलों की नियमित सफाई करें।
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