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रिमझिम फुहारों से भीगा तन, चहका मन

Fri, 26 Jun 2015 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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जिले में मानसून ने दस्तक दे दी। बीती रात से काली घटाओं के बीच रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी से भले ही सूखी धरती संतृप्त न हुई हो, पर तापमान गिरा जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। गुुरुवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे, जिसे देख किसानों के चेहरे खिले खिले नजर आए।
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उधर, मौसम वेधशाला के अनुसार, इस बार जून माह में प्री-मानसून के अंतर्गत मात्र 31 मिमी बारिश हुई जो कि पिछले वर्षों से काफी कम बताई जा रही है। बुधवार की देर रात हल्की बूंदा बांदी से मौसम खुशनुमा हो गया। गुरुवार को सुबह आसमान में काली घटाएं छाई रहीं, पर दोपहर में पुरवा हवाओं से उमस बढ़ गई।

शाम करीब 5 बजे ठंडी हवाओं के बीच बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिसके चलते पारा गिरकर न्यूनतम 25.3 और अधिकतम 35.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। जिससे लोगों को काफी राहत मिली। उधर, संडीला में मानसून की दस्तक हल्की रही। रिमझिम फुहारों से गर्मी से तो राहत मिली लेकिन खेत सूखे के सूखे रहे।
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बिलग्राम क्षेत्र में भी अर्से से मानसून का इंतजार कर रहे किसानों को गुरुवार को बारिश कम होने से निराश होना पड़ा। कारण साफ है कि बारिश होने के बाद ही धान की बेड़ लगेगी। उधर, शाहाबाद तहसील क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई, पर यहां बारिश का कोई खास असर नहीं दिखा। बागवानों को भी तेज बारिश का इंतजार है।

उधर, सवायजपुर तहसील क्षेत्र में भी सारे दिन आसमान में बादल छाए रहे, पर उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई। हालांकि, बादल देखने के बाद किसान हल लेकर खेतों को जोतने में लग गए। उधर, डीडी कृषि बृजेश चंद्रा ने कहा कि 50 मिमी से अधिक बारिश होने पर ही धान की पौध बनाने में किसानों को सहायता मिल सकेगी।

हालांकि, तमाम किसान इस ओर सक्रिय हो चुके हैं, पर मानसून से अभी तक कोई खास और अपेक्षित बारिश नहीं मिली है फिर भी अगले कुछ दिनों में झमाझम बारिश की आस है।
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