बिहार की भांति ही यूपी में भी अल्पसंख्यक पिछड़े,
दलित मुसलिमों को आरक्षण देने समेत 11 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को
मोमिन अंसार सभा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन
जिलाधिकारी को सौंप कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन से पूर्व सभा के
अध्यक्ष लियाकत अली ने कहा कि वर्ष 12 के चुनाव के समय सपा ने घोषणा पत्र
में अल्पसंख्यक पिछड़े, दलित मुसलिमों को आरक्षण देने का वादा किया था,
इसी आश्वासन पर मोमिन अंसार समाज व सभी पिछड़े मुसलिमों ने सपा को सत्ता
में लाने में भरपूर सहयोग किया था, पर आश्वासन को अब तक पूरा नहीं किया
गया।
सभा मांग करती है कि बिहार की भांति ही आरक्षण दिया जाए। जिलाध्यक्ष
ने कहा कि अल्पसंख्यक विभाग की पिछड़े मुसलिमों के लिए बहुत सी योजनाएं बंद
पड़ी है और जो चलाई जा रही हैं। उन योजनाओं का लाभ पिछड़े मुसलिमों को
नहीं मिल रहा है, योजनाओं का लाभ पिछड़े मुसलिमों को पहुंचाया जाए।
उन्होंने
सच्चर कमेटी व रंगनाथ मिश्रा आयोग की सिफारिशों के तहत पिछड़े मुसलिमों को
समुचित सुविधा देने की भी वकालत की। जिला उपाध्यक्ष वली अहमद अंसारी ने
कहा कि अल्पसंख्यक पिछड़े मुसलिमों के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा
चलाई जा रही योजनाओं में विभागों द्वारा साठ प्रतिशत योजना का लाभ विभाग
स्वयं ले रहे हैं।
इसको तत्काल रोका जाए, ताकि गरीब पिछड़े अल्पसंख्यक समाज
को योजना का लाभ सही से मिल सके। इसके बाद सभा के पदाधिकारियों ने एक
ज्ञापन डीएम रमेश मिश्र को सौंपकर कार्रवाई की मांग की। दिए गए ज्ञापन में
उक्त के अलावा मोमिन अंसार समाज सहित पिछड़े मुसलिमों को आबादी के प्रतिशत
के हिसाब से मोमिन अंसार सभा द्वारा सिफारिश किए गए व्यक्तियों को आयोग,
निगमों।
सरकारी वकील आदि पदों पर मनोनीत करने, प्रदेश सरकार द्वारा
हथकरघा एवं सिंगल मोटर पावरलूम से उत्पादित वस्तुओं की खरीददारी सीधे
बुनकरों से कराने की मांगे भी शामिल हैं। इस मौके पर मो. शमीम सहित कई
पदाधिकारी मौजूद थे।