हरदोई। सरकार ने 22 सितंबर से जीएसटी के दो स्लैब कम कर दिए हैं। अब सिर्फ पांच और 18 प्रतिशत जीएसटी लग रही है, इससे ग्राहकों को फायदा मिला है लेकिन व्यापारियों के सामने आईटीसी (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के समायोजन को लेकर उलझन बनी हुई है।
21 सिंतबर तक आईटीसी का समायोजन किस प्रकार करना है इसको लेकर व्यापारियों ने कोई स्पष्ट निर्देश न होने की बात कही है। व्यापारियों का कहना है कि जब उन्होंने खुद ही महंगे दामों पर माल खरीदा है तो ग्राहकों को कम दर पर जीएसटी में छूट कैसे दी जाए। कहा कि इसमें भी कई विसंगतियां है, इसका एक मात्र समाधान वन ट्रेड वन टैक्स ही है।
उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष विमलेश दीक्षित ने कहा कि जिन उत्पादों पर जीएसटी शून्य हुई है, उन पर व्यापारियों को आईटीसी वापस करनी होगी। छोटे और अपंजीकृत व्यापारियों को आईटीसी नहीं मिल रही है तो वह कम दर पर सामान कैसे बेचें।
उद्योग व्यापार मंडल के युवा इकाई के प्रदेश मंत्री विभू गुप्ता ने कहा कि जीएसटी कम होने के बाद सीमेंट के दाम में कमी आई है, लेकिन आईटीसी को समायोजित किस प्रकार करनी है, इसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।
व्यापारी नेता कैलाश गुप्ता ने कहा कि छोटा व्यापारी अपने मार्जिन से तीन से 17 प्रतिशत की छूट किस प्रकार देगा। ऐसे में व्यापारियों पर दर कम करने का दवाब बनाया जाएगा। इसको लेकर स्पष्टता नहीं आ रही है।
व्यापारी राजन द्विवेदी ने कहा कि जीएसटी आयुक्त की तरफ से 21 सिंतबर तक की आईटीसी को तीन माह के अंदर क्लेम करने के लिए कहा है, लेकिन इसकी प्रक्रिया क्या है इसको लेकर अभी कोई निर्देश नहीं आए हैं।
फोटो- 35- विमलेश दीक्षित। स्रोत: स्वयं- फोटो : लखनऊ में सीएम योगी आदित्यानाथ को अपने क्षेत्र के प्रस्ताव बताते मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी
फोटो- 35- विमलेश दीक्षित। स्रोत: स्वयं- फोटो : लखनऊ में सीएम योगी आदित्यानाथ को अपने क्षेत्र के प्रस्ताव बताते मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी
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