संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। गांव में विकास, निर्माण के नाम पर शासकीय राशि का गोलमाल हो रहा है। काम मिला और न अभिलेख और भुगतान निकाल लिया गया है। विकास खंड सांडी में चार ग्राम पंचायतों में ही 55.73 लाख रुपये की गड़बड़ी सामने आई है जबकि दो ग्राम पंचायतों में 12,964 रुपये का गबन मिला है।
चालू वित्तीय वर्ष में कराए जा रहे सोशल ऑडिट में वित्तीय वर्ष 2022-23 के कामों का परीक्षण जनता के सामने किया जा रहा हे। विकास खंड सांडी की चार ग्राम पंचायतों में ही 55.73 लाख की अनियमितता सामने आई है। इन ग्राम पंचातयों ने विकास, निर्माण के नाम पर भुगतान तो निकाला है, लेकिन सोशल ऑडिट के समय न तो काम दिखा पाए और न ही अभिलेख उपलब्ध करा पाए थे।
मनरेगा मद से कराए जाने वाले विकास, निर्माण व भुगतान की सोशल ऑडिट की व्यवस्था दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में कराए जा रहे वर्ष 2022-23 के कामों के सोशल ऑडिट में विकास खंड सांडी की ग्राम पंचायत बगहर में 4,016 रुपये और नयागांव में 8,946 रुपये का गबन पाया गया है। 55 लाख 73,672 रुपये का भुगतान ऐसा मिला है, जिसके ग्राम पंचायतें अभिलेख ही नहीं दिखा पाई हैं।
अभिलेख न दिखा पाने पर सोशल ऑडिट टीम ने इस राशि को विचलन (ऑडिट के प्रस्तर अनुसार) की श्रेणी में रखा है। गबन राशि की वसूली कराई जाएगी। सोशल ऑडिट के नोडल अधिकारी डीडीओ अरविंद कुमार ने बताया कि टीम की कंपाइल रिपोर्ट जारी कर दी गई है। कार्यक्रम अधिकारी को अभिलेख व साक्ष्य प्रस्तुत करने का मौका दिया गया है।
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इन ग्राम पंचायतों में मिला गबन व अनियमिता
विकास खंड सांडी की ग्राम पंचायत में मिली 55.72 लाख की गड़बड़ी में ग्राम पंचायतकर्ता अड़रामऊ में ही अकेले 28,93,497 रुपये व चंद्रमपुर सिसाला में 25,25,11 रुपये, श्रीमऊ में 1,53,999 व आदमपुर में 1,065 रुपये की गड़बड़ी मिली है।