पापी था, अब शिष्य हूं, जय जय गुरु हनुमान। रामदूत
मजबूत अति, जय जय गुरु हनुमान...की सस्वर पंक्तियों को सुन शुक्रवार को
समां भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने हनुमान पचासा का ऐसा सस्वर पाठ किया
कि सुनने वाले भी झूमते नजर आए।
कवि हरि शंकर पांडेय द्वारा रचित
हनुमान पचासा का न्यू सिविल लाइन स्थित पचासा धाम में 11 बार पाठ किया गया।
हरिशंकर ने बताया कि उनके द्वारा इसकी रचना चैत्र वर्ष 2011 में की गई थी,
तब से हनुमान जी के भक्त इसका नियमित पाठ करते आ रहे हैं।
इस दौरान भक्तों
ने तालियों की गर्जन एवं पूर्ण श्रद्धा के बीच हनुमान पचासा का पाठ किया।
इस मौके पर शिवशंकर पांडे, अनंतराम पांडे, जयगोपाल पांडे, राकेश पांडे,
बाबूलाल पांडे, जितेंद्र पांडे, अक्षत पांडे, राघव पांडे, माधव पांडे,
कमलेश पांडे, सुमन पांडे, सुधा पांडे आदि ने पाठ किया तो इसके अलावा अभिषेक
सिंह, छैल बिहारी पांडे, राम अवतार दीक्षित, कुंज बिहारी, शिवशरन अवस्थी,
कौस्तुभ गौड़, बाबू लाल यादव, प्रवीण तिवारी, किरन तिवारी आदि मौजूद थे।