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खेतों में गन्ना तैयार पर व्यवस्थाएं बेजार

Sat, 24 Oct 2015 11:17 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
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नया पेराई सत्र शुरू होने का समय निकट है और खेतों में गन्ना तैयार हो रहा है। किसानों को जहां पुराने सत्र के भुगतान का इंतजार है तो वहीं नए के लिए कमाई को बेकरार हैं। इसके बाद भी चीनी मिलों की ओर से अभी तक व्यवस्थाओं को लेकर कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। प्रशासन के पंचायत चुनावों में व्यस्त होने के चलते बकाया गन्ना भुगतान से
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लेकर नए पेराई सत्र के शुरू होने की तैयारियों पर मिलों पर ध्यान नहीं दिया जा पा रहा है। दो वर्ष पूर्व अक्तूबर माह के अंतिम पड़ाव में गन्ना पेराई सत्र के कार्यक्रम जारी होने के साथ ही नवंबर में पेराई सत्र शुरू हुए थे। उस समय जिले में करीब 52500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने का उत्पादन हो रहा था मगर उसके बाद से गन्ना भुगतान एवं पेराई सत्र की

व्यवस्थाएं लड़खड़ा रही हैं। इससे जहां गन्ना क्षेत्रफल घटकर 37 हजार हेक्टयर पर आ चुका है वहीं किसानों का व्यवस्थाओं पर से भरोसा उठ चला है। गत वर्ष भी नवंबर के आखिर में पेराई सत्र शुरू हुए थे तथा गन्ना भुगतान भी काफी विलंब से
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हुआ था। इस बार भी चीनी मिलों का रवैया गत वर्ष जैसा नजर आ रहा है। चीनी मिलों पर किसानों की अभी भी करीब 50 करोड़ की बकाएदारी है तो पेराई सत्र शुरू होने की कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है।  

37 हजार हेक्टयर में गन्ना तैयार
जिले में करीब 37 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल बिकने के लिए तैयार हो रही है और इस बार करीब 200 लाख क्विंटल से अधिक गन्ना उत्पादन होने की उम्मीद है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार गन्ने का लगभग एक हजार हेक्टेयर

क्षेत्रफल घटा है। गन्ना किसान फसल का नकदीकरण कराने के लिए पेराई सत्र शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। यह अलग बात है कि अभी तक न तो पेराई सत्र की घोषणा हुई और न ही गन्ना खरीद को लेकर कोई खास इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।

टूट रहा विश्वास थम रहा विकास
गन्ना भुगतान में होने वाली परेशानियों से किसानों का विश्वास मिलों से टूट रहा है। इस कारण जहां गन्ना क्षेत्रफल घट रहा है वहीं विकास थम रहा है। बीते वर्षों में गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर हो रही परेशानियों ने किसानों को रोने पर मजबूर किया है । इसका नतीजा है कि दो वर्षो पूर्व 52500 हेक्टयर गन्ना क्षेत्रफल घटकर करीब 37 हजार हेक्टयर पर आ गया है।

तौल होने के 15 दिनों में होना चाहिए भुगतान
हरदोई। चीनी मिलों को किसानों के हितों एवं समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है या फिर उनको अपने कारोबार को लेकर फिक्र नहीं है जिसके कारण नियमानुसार तय समयावधि में किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं मिल पाता है। पिछले साल का अभी करीब 50 करोड़ गन्ना मूल्य चीनी मिलों पर बकाया है।

पेराई सत्र कार्यक्रम की घोषणा नहीं
जिले में चार चीनी मिलें संचालित हैं। गन्ना पेराई सत्र को लेकर कोई घोषणा नहीं की गईं है। इससे किसान परेशान है। पेराई सत्र को लेकर पिछले वर्ष की तरह देर होने की आशंका बढ़ गई है।

अगले माह शुरू होंगे पेराई सत्र
जिला गन्ना अधिकारी संजय कुमार ने बताया अगले माह नवंबर में पेराई सत्र शुरू होंगे और इसके लिए मिलों से कार्यक्रम जारी करने को कहा गया है। साथ ही 31 अक्तूबर तक शत प्रतिशत बकाया भुगतान कराने के लिए मिलों के  अधिकारियों से बात की जा रही है। कहा कि पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब 1 हजार हेक्टयर गन्ना क्षेत्रफल घटा है।
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