हरदोई। लगभग 20 वर्ष पुराने दुष्कर्म के मामले में एक शख्स को दोषी करार देते हुए अपर जिला जज (कोर्ट संख्या-दो) सपना त्रिपाठी ने सात वर्ष की सजा सुनाई। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश अपर जिला जज ने दिए।
सांडी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने दो मार्च 2004 को तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी पुत्री (14) एक मार्च को पांच बजे गांव के पूरब की ओर खेत में चारा लेने गई थी। इसी बीच गांव का ही विपिन आया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शोर सुनकर गांव के कई लोग मौके पर आ गए थे।
मौका पाकर विपिन वहां से भाग गया था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने दुष्कर्म व एससी/एसटी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। अभियोजन पक्ष से आठ गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने विपिन को दुष्कर्म का दोषी करार देते हुए सात वर्ष की सजा सुनाई। एससी/एसटी की धारा में दोष मुक्त किया है।