थाना क्षेत्र के एक गांव में रेप के बाद नाबालिग
छात्रा की गला दबा हत्या का मामला रविवार को तूल पकड़ गया। परिजनों ने
मामले के खुलासे में पुलिस पर देरी का आरोप लगाते हुए शव को पिहानी-हरदोई
मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान भीड़ ने एएसएपी की मौजूदगी में पुलिस
प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पथराव भी
किया।
आखिर में एएसपी के आश्वासन पर साढ़े चार घंटे बाद जाम खुल सका। उधर,
कोतवाल एलपी साहू के अनुसार, चौकीदार की तहरीर पर अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज
कर ली गई। कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। ज्ञात हो कि
शनिवार की देर शाम काशीपुर के एक मजरा निवासी कक्षा नौ में पढ़ने वाली 12
वर्षीय किशोरी का शव गांव से एक किमी दूर गन्ने के खेत में अर्द्धनग्न
अवस्था में मिला था।
परिजनों के अनुसार, किशोरी घर से साइकिल बनवाने पड़ोसी
गांव गई थी। सूचना पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक साहू ने चौकीदार की तहरीर
पर अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कर रात को ही शव पिहानी ले आए थे। रविवार सुबह
परिजनों ने मामले के खुलासे में पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पावर
हाउस के पास शव रखकर पिहानी-हरदोई मार्ग जाम कर दिया।
इस दौरान काशीपुर
समेत पिहानी के अंबेडकरनगर और आसपास के गांवों से भी लोगों की भारी भीड़
जमा हो गई और पुलिस-प्रशासन एवं सपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगी।
कोतवाल के आश्वासन पर भी भीड़ शांत नहीं हुई तो एएसपी पश्चिमी प्रदीप
गुप्ता व शहर कोतवाल नागेश मिश्रा पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे।
इस बीच
भीड़ ने नारेबाजी करते हुए पुलिस पर पत्थर भी चला दिए। हालांकि, कुछ लोगों
के दखल के बाद खफा लोग शांत हुए। बसपा नेत्री मीना कुमारी, भाजपा नेता
सर्वेश जनसेवा व दीन दयाल वर्मा ने मौके पर पहुंच कर किशोरी को न्याय
दिलाने की मांग करते हुए अफसरों से घटना के जल्द खुलासे की मांग रखी।
कई
चरण की वार्ता के बाद आखिरकार परिजन दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के
आश्वासन पर जाम खोलने पर राजी हुए।
उधर, पुलिस ने शक के दायरे में आए
तीन लोगाें को उठा कर थाने में पूछताछ शुरू कर दी है। कोतवाल ने बताया कि
साइकिल मिस्त्री, खेत मालिक व प्रधान को सबसे पहले सूचना देने वाले से
पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि इनमें कुछ पर परिजनों को भी शक है।
उधर, जाम खुलवाने के प्रयासों में लगे पुलिस अफसरों और नेताओं पर नारी
शक्ति भारी पड़ती नजर आई। मध्यस्थता के प्रयास में लगे एक पार्टी के नेता
को महिलाओें ने लताड़ा भी। उधर, छात्रा के पिता दिल्ली में मजदूरी करते हैं
और कोई भाई न होने से वह अपनी दोनों छोटी बहनों के लिए स्वयं भाई की
भूमिका निभा रही थी।