जिले में बेतरतीब यातायात से सड़क हादसों में कमी नहीं आ रही है। सड़क हादसों से रोज लोगों की जान जा रही है वहीं लोग अपंग हो रहे हैं। आलम यह है कि दस दिनों में 26 सड़क हादसे हुए जिसमें 16 की मौत हो गई। इसके बाद भी सड़क यातायात के नियमों के प्रति लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं। इसके बाद भी जिम्मेदार ट्रैफिक सुधारने के प्रति गंभीर नहीं हैं।
इस महीने इन लोगों की गई जान
दिनांक थाना मृतक
1 फरवरी बघौली सुधा
1 फरवरी देहात कोतवाली महेंद्र
3 फरवरी देहात कोतवाली कमला
3फरवरी पिहानी उपेंद्र
4 फरवरी पाली चंदन
4 फरवरी कछौना अमित
5 फरवरी बिलग्राम यदुनाथ
5 फरवरी संडीला सफी
5 फरवरी मल्लावां आरती
5फरवरी माधौगंज ऊषा देवी
7 फरवरी लोनार शैलेंद्र सिंह
8 फरवरी शाहाबाद याकूब
8 फरवरी माधौगंज छोटे भाइया
9 फरवरी बघौली शिवांशु
10 फरवरी लोनार राहुल सिंह
10 फरवरी शहर अदिति
इस तरह हो रहे लोग हादसे का शिकार
माह एक्सीडेंट के शिकार मौत
जनवरी 178 29
फरवरी (10 तक) 26 16
नो इंट्री का नहीं दिख रहा अंकुश
शहर में सड़क हादसे को रोकने के लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है। इसके लिए शहर को जोड़ने वाले हर मार्ग पर नो इंट्री प्वाइंट बनाया गया है। जहां पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी रहती है। जहां से निर्धारित समय पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक है। इसके बाद भी वहां से दिन में भारी वाहनों का आवागमन जारी रहता है। इससे हादसे बढ़ रहे हैं।
नहीं होता ब्रीथ ऐनालाइजर का प्रयोग
शराब के नशे में वाहन चलाना कानून अपराध है। इसको रोकने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है। शराब के नशे में चालक है या नहीं इसकी जांच के लिए विभाग के पास ब्रीथ ऐनालाइजर उपलब्ध है। मगर उसका प्रयोग आम दिनों में तो दूर सड़क सुरक्षा माह में भी नहीं किया जा रहा है। इससे शराब पीकर वाहन चलाने वालों की संख्या बढ़ रही है जो हादसे का कारण बनते हैं।