हरदोई। नुमाइश मैदान में गुरुवार को श्री गोविंद गोपाल लीला संस्थान के कलाकारों ने कुंभकरण और मेघनाद वध की लीला का मंचन किया। मेला श्रीराम लीला कमेटी के तत्वावधान में चल रही रामलीला में लक्ष्मण की मूर्छा टूटने के बाद युद्ध के लिए कुंभकरण को बुलाया जाता है।
चूंकि कुंभकरण को छह माह सोने का वरदान है इसलिए रावण, कुंभकरण को जगाने के लिए अपनी सेना को भेजता है। जिसे कलाकारों ने बड़े ही हास्यपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया। जागने के बाद कुंभकरण भारी मन से युद्ध में जाता है जिसका राम वध कर देते हैं। मेघनाद युद्ध में जाता है, जहां परास्त होने पर युद्ध जीतने के लिए निकुंम्हला देवी के मंदिर में अपावन यज्ञ करता है। यह जान लक्ष्मण निकुंम्हला देवी मंदिर पहुंचकर यज्ञ को नष्ट कर देते हैं।
लक्ष्मण और मेघनाद का युुद्ध होता है जहां लक्ष्मण सिर काटकर मेघनाद का वध कर देते हैं, पति मेघनाद का सिर देखकर सुलोचना सती हो जाती है। इस मौके पर आयोजक राम प्रकाश प्रकाश शुक्ला, लीला संयोजक कृष्ण अवतार दीक्षित बाले, वियोग चंद्र मिश्र, राकेश कुमार गुप्ता मौजूद रहे।