रमजान शरीफ का चांद नजर आने के बाद मसजिदों में
तरावीह की विशेष नमाज का आगाज हो गया। बड़े-बड़ों के साथ बच्चे भी अल्लाह
को राजी करने को मसजिदों में पहुंच रहे हैं। शाम की मगरिब नमाज की अदायगी
के बाद चांद के दीदार किए गए।
मसजिदों से सायरन की गूंज ने बरकतों वाले
महीने रमजान की आमद की खुशखबरी दी। मसजिदोें से यह ऐलान हो गया कि पहला
रोजा शुक्रवार को रखा जाएगा। जिले की सभी मसजिदों में तरावीह की नमाज का
आगाज हो गया। उलमा-ए-कराम ने नमाजे तरावीह की अहमियत और रोजे से संबंधित
जानकारी देते हुए ज्यादा से ज्यादा नेकियां कमाने की हिदायत दी।
चांद नजर
आने के साथ ही मसजिदाें में नमाजियों की संख्या में इजाफा हो गया। मुसलिम
बाहुल्य इलाकों में इफ्तार और सहरी के पकवानों से संबंधित दुकानें सज कर
तैयार हो गई हैं। कल पहले दिन के इफ्तार के लिए दुकानों में भीड़ शुरू हो
जाएगी।
उधर, शहर स्थित मसजिद सरायखाम के पेश इमाम हाफिज मोहम्मद फैयाज
ने कहा कि रमजान का पाक माह अल्लाह की ओर से बंदे के लिए खास ईनाम है।
रमजान इबादत का महीना है। कुरान इसी माह में नाजिल हुआ। नमाज रोजे के साथ
तिलावते कुरान का भी एहतमाम करें।
रमजान हमें गरीबों से हमदर्दी का पैगाम
देता है। ज्यादा से ज्यादा गरीबों की मदद इस माह में करें। कहा कि सालाना
आमदनी का ढाई प्रतिशत जकात गरीब व जरूरतमंदों के बीच वितरित करें। कहा कि
बगैर जरूरत बाजार हाट से गुरेज करना चाहिए तथा ज्यादा से ज्यादा वक्त इबादत
में लगाना चाहिए। झूठ और बुराइयों से परहेज रखना चाहिए।