भगवान श्रीराम का जन्म विश्व के कल्याण के लिए हुआ
है। भगवान का चरित्र रोग निवारण को औषधि के समान है। डाल सिंह मेमोरियल
स्कूल निकट स्थित श्रीराम जानकी हनुमत धाम परिसर में चल रहे प्राण
प्रतिष्ठा कार्यक्रम के तृतीय दिवस में नित्य पूजन पाठ के बाद श्रीराम
जानकी, लखन, दुर्गा जी, हनुमान जी के साथ समस्त मूर्तियों का संस्कार
मूर्तिका स्नान, पंचामृत स्नान, औषधि स्नान, पल्लव स्नान आदि के साथ यजमान
अखिलेश सिंह सपत्नीक पूर्ण्मा सिंह ने मूर्तियों का जलाधिवास संपन्न कराया।
इसके बाद रामकथा में महंत राम सेवक दास ने भगवान राम का जन्म का वर्णन
सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। स्वामी राजेंद्र दास रामायणी ने
हनुमत चरित्र के बारे में सुनाया। मानस मर्मज्ञ शशिभाल त्रिवेदी ने
रामचरित मानस के चार घाटों की व्याख्या की। इस मौके पर मुकुल सिंह, भूमिका
सिंह, मुकेश, अजय, सुबोध गुप्ता, संतोष सक्सेना, अंजली सिंह, कमलेश गुप्ता
आदि मौजूद थे।