कुदरत के कहर से किसान कराह रहा है। सूखे के बाद
उम्मीद थी कि खरीफ की फसल से कुछ राहत मिलेगी, पर बीते दिनों हुई बारिश और
ओलावृष्टि ने उसके अरमानों पर पानी फेर दिया। किसानों की मानें तो बेमौसम
बारिश व तेज हवाओं से उसके खेत में खड़ी 50 से 60 फीसदी फसल बर्बाद हो गई,
पर अफसरों ने जो आकलन किया, उसके आंकड़े के अनुसार 20 से 30 फीसदी फसल का
नुकसान होना बताया जा रहा है।
इधर, मौसम बिगड़ने का असर सब्जियों और खाद्य
पदार्थों पर पड़ा है। उधर, सर्दी और धूप के चलते संक्रामक रोग पैर पसारने
लगे हैं। जिला अस्पताल में पिछले तीन दिनों से मरीजों की संख्या में
खासी बढ़ोतरी हुई है। मंगलवार को मरीजों ने लाइन लगाकर दवाएं ली।
जिला कृषि
अधिकारी डा. विनोद यादव ने बताया कि बारिश से जिले में प्रमुख रूप से
गेहूं, राई/ सरसों, चना, मटर, मसूर, अरहर की फसलों को प्रमुख 20 से 30
फीसदी तक नुकसान हुआ है, जिससे पैदावार पर विपरीत असर पड़ेगा। उधर, पिछले
दिनों से अचानक बदलते रहने वाले मौसम ने बेमौसम की बारिश से फसलों को
नुकसान पहुंचा दिया है।
जिसके चलते पैदावार प्रभावित होना तय है, ऐसे में
आटा, दाल, चावल, सब्जियों के भाव चढ़ना तय माना जा रहा है। सब्जी विक्रेता
आरिफ ने बताया कि बारिश से सड़ने के हालत तक पहुंचने वाली सब्जियों के भाव
तो स्थिर होने के साथ ही थोक बाजार में कम रेट हो रहे हैं।
पर, हर मौसम
में उपलब्ध होने वाली सब्जियों के भावों में चढ़ान शुरू हो गया है। ऐसे में
आने वाले दिनों में दाम बढ़ने की संभावना बढ़ रही है। किराना व्यवसायी जय
कुमार ने बताया कि अरहर की दाल में 5 रुपये किलो तक का उछाल आ गया है।
जाहिर कि उत्पादन घटने पर दाल, चावल, आटा के दाम बढ़ना संभावित हैं।
उधर,
मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। जिसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा
है। इससे जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजोें की संख्या में बढ़ोतरी हो गई।
प्रतिदिन के सापेक्ष अचानक मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सबसे अधिक मरीज
वायलर फीवर और जोड़ों दर्द के पहुंच रहे है।
इसके अलावा जुकाम और एलर्जी के
मरीजों की भी संख्या में इजाफा हुआ है। डा. विजय त्रिवेदी ने बताया कि
मौसम के बदलाव से वायलर फीवर, जुकाम, कफ की समस्या, एलर्र्जी, सांस की
परेशानी और जोड़ों दर्द जैसी बीमारियाें से लोग ग्रसित हो रहे हैं। इस मौसम
में सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है।
सभी मौसम के अनुरूप कपड़े पहने।
ठंडी चीजों का सेवन न करें। खानपान पर भी ध्यान रखें। ताजा भोजन करें।
बाहरी खुली चीजों का सेवन कम करें। कहा कि समस्या होने पर चिकित्सक से
परामर्श लें, उसके बाद ही किसी दवा का प्रयोग करें।