हरदोई। अतिवृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। इसका असर किसानों के साथ ही आमजन पर भी पड़ रहा है। 10 दिन के अंतराल पर बुधवार रात तेज हवा के साथ हुई बरसात ने बचीखुची फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने फसलों को खेतों में बिछा दिया है। धान, सरसों, मक्का, उर्द, तिल्ली और गन्ना की फसल को नुकसान के साथ ही सब्जियों की फसलों को भी हानि पहुंची है।
पहले ही अतिवृष्टि की मार झेल चुकी फसलों पर अब बारिश, आंधी और कहीं-कहीं पर गिरे ओलों ने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। खेतों में बचीखुची फसलों को भी नुकसान पहुंच रहा है। 25 से 27 सितंबर तक हुई अतिवृष्टि से जिले में 4,783.6858 हेक्टेयर फसलें पहले ही खराब हो चुकी हैं। इन किसानों को सर्वे के साथ ही आर्थिक मदद भी दी जा रही है। दोबारा बारिश और हवा से धान, सरसों, मक्का, उड़द, तिल्ली और गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसानों को बची फसल से उत्पादन की उम्मीद कम है।
बारिश के साथ तेज हवा चलने से खेतों में खड़ी फसलें बिछ गईं। खेतों में जलभराव और हवा से फसलों के गिरने और खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसानों को फसल बचाने के साथ उत्पादन घटने की चिंता सताने लगी है।
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मौसम विभाग की चेतावनी पर सतर्कता की अपील
अपर जिलाधिकारी दीपाली भार्गव ने बताया कि मौसम विभाग ने पूर्वानुमान और चेतावनी जारी की है। नौ अक्तूबर तक तेज झोंकेदार हवा, बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की संभावना जताई गई। लोगों से अपील की कि वह इस दौरान पूरी सतर्कता बरतें। आपातकालीन सहायता के लिए नंबर अपने पास रखें। आपदा और आवश्यकता पर जिला आपदा कंट्रोल रूम के नंबर-05852-299155, 299157 व 9454416606 पर तत्काल जानकारी दें ताकि समय से मदद पहुंचाई जा सके।
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खेतों में जलभराव से दाना सड़ने की आशंका
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक ने बताया कि आंधी और बारिश से फसलें गिरी हैं। खेतों में जलभराव के कारण दाना सड़ने की आशंका है। इससे उत्पादन प्रभावित होगा। जिला गन्ना अधिकारी निधि गुप्ता ने बताया कि गन्ना की फसलें गिरी हैं। उन्हें बंधवाकर सीधा कराया जा रहा है।