रेलवे स्टेशन पर बढ़ते अवैध वेंडरों की रोकथाम के लिए बुधवार को कर्मचारियों ने मोर्चा खोल दिया। रेलवे कर्मचारियों ने प्लेटफार्म पर धरना देकर प्रदर्शन किया और मंडल अधिकारियों के विरोध में नारेबाजी करते हुए अवैध वेंडरों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने अनधिकृत वेंडरों का वीडियो बनाकर मंडल अधिकारियों को भी भेजने का फैसला किया। इस बाबत अधिकारियों को ज्ञापन भी भेजा।
नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के बैनर तले रेलवे कर्मचारियों ने अनधिकृत वेंडरों के विरोध में प्रदर्शन किया। प्लेटफार्म पर धरना देकर बैठे रेलवे कर्मचारियों ने अनधिकृत वेंडरों के खिलाफ मंडल के अधिकारियों को कई पत्र और पोस्टर देने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने की बात कही। कर्मचारियों ने मंडल अधिकारियों के विरुद्ध भी नारेबाजी की।
धरने की अध्यक्षता कर रहे शैलेश कुमार तिवारी ने कहा कि अनधिकृत वेंडराें पर रोक लगाने और नामित वेंडरों की लिस्ट तथा उनके पहचानपत्र के संबंध में मंडल के अधिकारियों को कई पत्र भेजे गए हैं लेकिन उनमें से किसी पर भी सुनवाई नहीं हुई है।
रेलवे स्टेशन पर अनधिकृत वेंडरों की संख्या 300 से अधिक है, जो रेलवे कर्मचारी और यात्रियों के लिए हमेशा खतरा बने रहते हैं। आए दिन क्वार्टरों में चोरी की घटनाएं हो रही हैं। कर्मचारी और यात्रियों के साथ मारपीट हो रही है। इनमें अवैध वेंडरों का भी हाथ हो सकता है।
एसके श्रीवास्तव ने कहा कि अनधिकृत वेंडरों पर रोकथाम को यात्रियों को भी आगे आना होगा। मो. जावेद ने कहा कि अनधिकृत वेंडरों की वीडियो क्लीपिंग बनाकर, रेलमंत्री, जीएम व डीआरएम को सोशल मीडिया से भेजी जाएगी। रेलवे कर्मचारियों ने मंडल अधिकारियों को ज्ञापन भी भेजा है। इस मौके पर एके श्रीवास्तव, आरसी सिंह, राजेश सिंह आदि मौजूद रहे।