सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ कर्मचारियों में उत्साह भरने जनपद आए नार्दन रेलवे मेंस यूनियन के मंडल पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार पर दबाव बनाने के लिए हड़ताल जरूरी है। उन्होंने कर्मचारियों में हड़ताल के समर्थन में 12 फरवरी को होने वाले मतदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लेने की बात कही।
नादर्न रेलवे मेंस यूनियन के बैनर तले स्थानीय स्टेशन के प्लेटफार्म एक पर शुक्रवार को हुए धरना प्रदर्शन में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों की जमकर खिलाफत हुई। यूनियन के मंडल पदाधिकारी कामरेड सुहेल खां व रजनीश चौबे ने जिले के कर्मचारियों से मुलाकात की और उन्हें वेतन आयोग के खिलाफ एकजुट होकर रहने की अपील की। पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार सातवें वेतन आयोग को लागू करने जा रही है, जो केंद्रीय कर्मचारियों के हित में नहीं है।
आयोग की सिफारिशों को कोई कर्मचारी नहीं मानेगा। इसके लिए सरकार पर दबाव बनाना आवश्यक है। जिसके लिए 12 फरवरी को मतदान होगा। कर्मचारी मतदान में बढ़चढ़ कर हिस्सा लें। शाखा अध्यक्ष शैलेश तिवारी और सचिव संजय कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि सातवां वेतन आयोग तभी लागू होगा जब उसकी नीतियों में सुधार हो सके। यदि भारत सरकार नहीं मानती है तो सरकार के खिलाफ हड़ताल का बिगुल बजा दिया जाएगा। रेलवे कर्मचारियों ने सभी कर्मचारियों को एकजुट करने के लिए जनजागरण रैली भी निकाली। इस मौके पर कोषाध्यक्ष अशोक कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य मौजूद रहे।