माघ पूर्णिमा पर मंगलवार को गंगा स्नान को बड़ी
संख्या में श्रद्धालु राजघाट पहुंचे। भोर होते ही हर हर गंगे के गगनभेदी
उद्घोष से मेला क्षेत्र गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने स्नान ध्यान कर गंगा मइया
का पूजन अर्चन किया। वहीं राजघाट आने जाने के दौरान छिबरामऊ-राजघाट मार्ग
पर जाम लग गया, जिससे सैकड़ों वाहन जाम में फं स गए।
पुलिस ने कड़ी मशक्कत
कर जाम खुलवाया, तब जाकर आवागमन बहाल हो सका। बीते 24 घंटों में राजघाट
पर मेला रामनगरिया में हजारों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए
पहुंचे। इसके अलावा कल्पवास कर रहे श्रद्धालुओं ने भी माघ पूर्णिमा पर गंगा
स्नान कर पूजा अर्चना करते हुए गंगा मैया के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त
की।
वहीं श्रद्धालुओं ने एक माह का कल्पवास माघ पूर्णिमा पर स्नान ध्यान कर
संपन्न किया। मेला क्षेत्र राजघाट पर कन्नौज, सीतापुर, लखीमपुर,
शाहजहांपुर समेत कई जिलों के श्रद्धालु अपने वाहनों से बीती रात ही यहां
पहुंच गए, जिससे पूरा राजघाट चौपहिया व दुपहिया वाहनों से पटा रहा।
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही के मद्देनजर मेला क्षेत्र में
खाने पीने की दुकाने लगाई। वहीं बच्चों के बीच झूले, जादू आदि के मनोरंजन
पंडाल भी लगाए गए। उधर, वाहनों की भारी भीड़ से छिबरामऊ से राजघाट तक
जाने वाला मार्ग पर वाहनों की कतारें लगी रहीं। देर शाम तक श्रद्धालुओं का
आवागमन बना रहा।
उधर, घाट पर गंगा स्नान के दौरान एक युवक गहरे पानी में
चला गया। घाट पर मौजूद गोताखोरों ने पानी में ढूंढने की कोशिश की, पर कोई
सुराग नहीं लगा। पिहानी क्षेत्र के गांव हरिहरपुर निवासी वीरेंद्र ऊर्फ
बबलू (20) पुत्र विश्राम अपने साथियों के साथ गंगा स्नान करने आया था।
पूर्वाह्न 11 बजे वह स्नान कर रहा था कि अचानक गंगा नदी के गहरे हिस्से में
पहुंच गया और डूबने लगा। यह देख स्नान कर रहे लोगों ने उसे बचाने की कोशिश
की, पर सफल नहीं हुए और युवक तेज धार में बह गया। जानकारी मिलते ही लेखपाल
और पुलिस ने घाट पर मौजूद गोताखोरों को पानी में उतारकर खोजबीन कराई।
पर,
उसका कोई सुराग नहीं लगा। तहसीलदार रामचंद्र यादव एवं प्रभारी निरीक्षक
शैलेंद्र सिंह ने बताया कि युवक को ढूंढने के लिए गोताखोरों के अलावा काटा
जाल आदि भी डलवाया, पर देर शाम तक युवक का पता नहीं चल पाया है।