पत्रकारों से वार्ता करते सपा के राष्ट्रीय महासचिव नरेश अग्रवाल व राज्यमंत्री नितिन अग्रवाल।
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हरदोई। सपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद नरेश अग्रवाल ने शुक्रवार को वैटगंज स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आर्थिक इमरजेंसी का सपा विरोध करती रहेगी। नोट बंदी का फैसला वापस न होने तक सपा संसद नहीं चलने देगी। इमरजेंसी के बाद जिस तरह जनता ने इंदिरा गांधी को सबक सिखाया था उसी तरह उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों के चुनाव में नरेंद्र मोदी को भी सबक सिखाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मानती है कि देश के 8 फीसदी लोगों के पास ही काला धन है। बैंक की लाइन में न कोई अफसर लगा, न नेता लगा और न ही कोई व्यापारी। नोट बंद कर प्रधानमंत्री मोदी ने देश की 92 फीसदी जनता को लाइन में लगा दिया। इससे लोग बहुत परेशान हैं। मरीज नर्सिंग होम में बिल नहीं चुका पा रहे हैं, किसान खाद बीज नहीं ले पा रहा और छात्र फीस नहीं जमा कर पा रहे हैं।
आए दिन सरकार कोई न कोई बदलाव कर रही है। कभी उंगली पर स्याही लगाने का आदेश आता तो कभी केवल 2000 रुपये बदलने का। शादी के लिए ढाई लाख निकालने की बात मोदी सरकार ऐसे कर रही है जैसे उसने गिफ्ट दिया है। केंद्र सरकार के मंत्री इतने में शादी करके दिखाएं। बेल्लारी के एक भाजपा नेता ने अपनी बेटी की शादी में 500 करोड़ खर्च किए थे।
सांसद ने कहा कि सपा सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर 500-1000 रुपये के नोट कोऑपरेटिव बैंकों में चलाने की छूट देने की मांग की थी, लेकिन मोदी सरकार ने मांग नहीं मानी। छूट मिल जाती तो किसानों को खाद बीज आसानी से मिल जाता। उन्होंने कहा कि सपा प्रदेश बंद का आह्वान भी कर सकती थी लेकिन गरीबों के हित में ऐसा नहीं किया गया। सपा हमेशा गरीबों के साथ है। सांसद ने कहा कि कल से सपा के कार्यकर्ता बैंकों के बाहर लाइन में लगे लोगों की मदद करेंगे।