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भड़के वकीलों ने डिवाइडर पर उतारा गुस्सा

Fri, 13 Mar 2015 12:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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इलाहाबाद में अधिवक्ता की हत्या के विरोध में गुरुवार को जिले में वकीलों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला मुख्यालय पर होर्डिंगों और डिवाइडरों पर गुस्सा निकाला। वकीलों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। वकील 16 मार्च को पुन: बैठक कर आगे की रणनीति बनाएंगे।
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उधर, शाहाबाद में प्रदर्शन कर रहे वकीलों के बीच से एक वकील हंगामा करने लगा। मामला बिगड़ते देख एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल आते ही वकील ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया, इससे वकीलों ने दारोगा से अभद्रता कर दी। दारोगा ने चिकित्सक  के कक्ष में घुसकर अपनी जान बचाई।

बार एसोसिएशन की बैठक में विरोध प्रदर्शन का निर्णय लेने के बाद वकील जुलूस के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचे और आरोपी दारोगा को गिरफ्तार करने की मांग के साथ नारेबाजी की। इसके बाद कलक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम को ज्ञापन दिया। इसी बीच कुछ वकील सिनेमा चौराहा की ओर पुलिस व सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चल दिए।
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सिनेमा चौराहा पर कुछ देर जाम लगाया, इसके बाद रास्ते के डिवाइडर और होर्डिंग को भी फाड़ा। कलक्ट्रेट में लगी होर्डिंग मेें आग लगा दी। इस दौरान फोर्स भी अलर्ट रहा। कलक्ट्रेट पहुंच संघ अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद बाजपेयी, महामंत्री कमलेश पांडेय आदि ने डीएम रमेश मिश्र को मांगों का ज्ञापन सौंपा।

उधर, शाहाबाद तहसील अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र नाथ त्रिवेदी की अगुवाई में वकील जुलूस निकालकर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच वकील रमाकांत त्रिपाठी किसी बात को लेकर खफा हो गए और हंगामा करने लगे। मामला तूल पकड़ते देख उन्हें तत्काल एंबुलेंस से सीएचसी भेजा गया।

जहां पर उन्होंने पुलिस पर पीटने का आरोप लगाते हुए फिर हंगामा करना शुरू कर दिया। चिकित्सक ने तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस में कोतवाली के दारोगा काजी अनवर और अंबरीश कुमार के अलावा कुछ पुलिस कर्मियों को भी साथ भेज गया।

जिला अस्पताल आने की खबर लगते ही कई वकील जिला अस्पताल पहुंचे, जहां रमाकांत ने पुलिस पर पीटने का आरोप लगाते हुए चिल्लाना शुरू कर दिया। इस पर खफा वकीलों ने साथ आए दारोगाओं से अभद्रता शुरू कर दी। दोनों दारोगा जान बचाकर डॉक्टर के क क्ष में घुुस गये और कमरे को अंदर से बंद कर लिया।

जानकारी मिलते ही एसपी उमेश सिंह, एएसपी बीसी दुबे, सीओ सिटी रामलाल राय, सीओ हरपालपुर नितेश सिंह, शहर कोतवाल नागेश मिश्र, देहात कोतवाल परशुराम सिंह, एसओ सुरसा बृजेश त्रिपाठी आदि पीएसी के साथ जिला अस्पताल पहुंचे।

एसपी ने हंगामा कर रहे वकीलों को समझाने की कोशिश की, पर वकीलों ने एक सुनी और पीड़ित वकील को लेकर वह नारेबाजी करते हुए सड़क की ओर निकले। मामला बढ़ता देख एसपी ने अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष को बुलाकर वार्ता की। एसपी ने कहा कि शांतिपूर्ण माहौल बिगाड़ने की कोशिश न की जाए।

पीड़ित वकील जो आरोप लगा रहे, वह निराधार हैं। कुछ देर रुकने के बाद एसपी वापस चले गए। इधर, अधिवक्ता संघ में हुई बैठक में मुद्दे पर चर्चा हुई और बैठक शुक्रवार को पुन: आहूत की गई है। उधर, संडीला में दोपहर में वकील अध्यक्ष दिनेश चंद्र दीक्षित की अगुवाई में नारे लगाते हुए पीडब्ल्यूडी डाक बंगले तक गए।

वहां से वापस आकर पुरानी तहसील के सामने रोड जाम कर नारेबाजी की और तहसीलदार आशाराम वर्मा को ज्ञापन सौंपा, जबकि बिलग्राम में तहसील अधिवक्ता कल्याण एसोसिएशन की बैठक में वकील के हत्यारोपी को गिरफ्तार कर परिजनों को 50 लाख का मुआवजा देने की मांग की गई।

इसके बाद वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार कर दिया। इस मौके पर अध्यक्ष योगेन्द्र सिंह, महामंत्री सज्जाद हुसैन, रामपाल सिंह यादव, रावेंद्र अग्निहोत्री आदि मौजूद थे। उधर, सवायजपुर तहसील के वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया और तहसील में जुलूस निकाल एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।

इस मौके पर संजीव द्विवेदी, लालजी मिश्र, संजय पांडेय, राम नरेश, राजीव, लक्ष्मण सिंह यादव, कृष्ण प्रताप आदि मौजूद थे। इधर, शाहाबाद में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष धीरेंद्र नाथ त्रिवेदी, महामंत्री विमलेश लोधी, रामनरेश मिश्रा, बसंत गुप्ता, रामजी तिवारी, अजय सिंह यादव आदि ने जुलूस निकालकर विरोध जताया।
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