राजघाट पर कल्पवासियों को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। आलम यह है कि मेला क्षेत्र में न तो बिजली की व्यवस्था है और नही पेयजल के लिए हैंडपंप लगाए गए हैं। कल्पवासियों ने जिलाधिकारी से व्यवस्था सुधरवाने की मांग की है।
राजघाट पर लगने वाले रामनगरिया मेले में साधु संतों के अलावा श्रृद्धालुओं ने कल्पवास शुरू कर दिया है। बाहरी जनपदों से भी आने वाले दुकानदारों ने अपनी दुकानें लगानी शुरू कर दी हैं। व्यवस्थाएं नहीं होने से साधु संत खासे नाराज हैं। स्वामी दिनेश,भूरा बाबा, सुरेश बाबा, रामदास बाबा आदि ने बताया कि मेले में अभी तक राशन, चीनी और केरोसिन का वितरण नहीं कराया गया है।
उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि एक महीने तक चलने वाले कल्पवास में बिजली व छोटे हैंडपंपों की व्यवस्था की जाए और घाटों को स्वच्छ रखा जाए। जो लोग घाटों पर गंदगी फैलाएं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। संतों ने कहा कि उनकी मंागें पूरी न की गई तो वह लोग घाट पर अनशन करने के लिए विवश हाेंगे। रामनगरिया में आए बच्चा बाबा ने कहा है कि आसपास के जनपदों से राजघाट पर बड़ी संख्या में कल्पवासी आते है लेकिन किसी भी राजनैतिक दल के नेता ने इस ओर मुड़कर देखना भी मुनासिब नही समझा।
वहीं कल्पवास कर रहे गृहस्थ रामदुलारे राजपूत ने बताया कि कुछ महीने पहले नमामि गंगे की कमेटी ने राजघाट को स्वच्छ रखने के लिए छिबरामऊ के दो लोगोें को नामित किया था। वह लोग यहां की देखभाल करना तो दूर घाट पर झांकने तक नही आए हैं।