हरदोई। प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के क्रियान्वयन को लेकर जिले में तैयारियां शुरू हो गई हैं। कृषि विभाग की ओर से बैठक से लेकर संबंधित विभागों एवं योजना की गाइड लाइन के अनुसार पांच वर्षीय जिले का कृषि प्लान बनाने की तैयारी है। कार्यसमिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी एवं सचिव डीडी कृषि हैं। संबंधित विभाग के अधिकारी पदेन सदस्य हैं।
योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों से हर खेत को पानी उपलब्ध कराने की मंशा है। इसके अलावा वर्षा जल संचयन पर जोर देने के साथ ही पानी की बर्बादी को रोकने के लिए उपाए किए जाने हैं। सिंचाई के पानी की उपयोगिता शत प्रतिशत करने के लिए ड्रिप सिंचाई एवं फव्वारा सिंचाई पद्धति को बढ़ावा दिया जाना है। वहीं, नहरों और नलकूपों से खेतों तक पानी पहुंचने में होने वाली लाइन हानि (पानी की बर्बादी) को रोकने के लिए पाइप आदि की व्यवस्थाओं को लेकर कार्य होना है।
योजना के तहत प्रमुख रूप से वन ड्राप मोर क्राप यानी एक स्थान पर पानी देकर अधिक से अधिक फसलोें तक सिंचाई का पानी पहुंचाना है। इसके अलावा भूगर्भ जल संरक्षण के लिए पेयजल की बर्बादी को रोकने पानी की बचत करने के लिए वाटर यूज कैसे किया जाए इसको लेकर तकनीकी सहायता एवं जागरूकता लाई जाएगी।
ये विभाग होंगे शामिल
कृषि विभाग, शारदा नहर, जल प्रबंध संस्थान, जल निगम, भूगर्भ विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन, नलकूप, लघु सिंचाई विभाग आदि।
इस तरह से बनेगी कार्ययोजना
जनसंख्या एवं पशु पक्षियों की संख्या के आंकड़ों के साथ जिले के कुल क्षेत्रफल के आंकड़ों व क्षेत्रफल में फसल को बार बार पानी की आवश्यकता तथा उपलब्ध संसाधनों एवं दोहन होने वाले जल के आंकड़ों के साथ एक्शन प्लान बनाना है। जिसमें ग्राम पंचायत वार सर्वे एवं आंकड़ों का मिलान कर सभी विभागों के परामर्श एवं योजना की गाइड लाइन के अनुसार कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजी जाएगी।
पांच वर्षीय योजना में संसाधन बढ़ाने से ज्यादा उपयोगिता बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के तहत जिले में बनने जा रहे पांच वर्षीय कृषि प्लान में संसाधन बढ़ाने से ज्यादा उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता बढ़ाने पर जोर रहेगा। संसाधनों को दुरुस्त करने के साथ व्यवस्थित करने के लिए उपयोगिता एवं आवश्यकता के बिंदुओं पर प्रमुख रूप से कार्य होना है।
प्रधानमंत्री सिंचाई योजना के लिए कार्ययोजना बनाने का कार्य होना है इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। कार्यसमिति के अध्यक्ष डीएम के निर्देशन में संबंधित विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना बनेगी, जिसमें प्रमुख रूप से हर खेत को पानी एवं वन ड्राप मोर क्राफ के साथ जल संचयन पर जोर रहेगा। उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता को बढ़ाना है। - ब्रजेश चंद्रा, योजना के नोडल विभाग के अधिकारी उप निदेशक कृषि एवं कार्यसमिति के सचिव