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Hardoi News: मिलावट खोरी के खिलाफ फिर अभियान की तैयारी, पिछले साल के एक नमूने की रिपोर्ट अब भी न आई

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हरदोई। होली का त्योहार करीब आ गया है। आम तौर पर औपचारिकता निभाने वाले खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के सक्रिय होने का भी वक्त आ गया है।
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त्योहार के समय मिलावट खोरी बढ़ने की आशंका में अभियान तो चलते हैं, लेकिन जब तक इनके परिणाम आते हैं तब तक खाद्य सामग्री का इस्तेमाल हो चुका होता है। सक्रियता का आलम यह है कि पिछले साल होली में चलाए गए विशेष अभियान में लिए गए नमूनों में से एक की रिपोर्ट अब तक नहीं आ पाई है।



होली के त्योहार में खाद्य सामग्रियों की खपत बढ़ती है। मावा से लेकर चिप्स और कचरी तक की बिक्री आसमान छूती है। साथ ही घी और तेल का बाजार भी चढ़ जाता है। त्योहारों में मिलावटी सामग्री के बाजार में आने की शंका बनी रहती है। मिलावटी सामग्री की खपत रोकने की जिम्मेदारी खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की है। फिलहाल तो खाद्य सुरक्षा विभाग के जिम्मेदार चुप्पी साधे हैं, लेकिन आगमी छह मार्च से मिलावटी खाद्य सामग्री की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाने का दावा कर रहे हैं।
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पिछली होली में 17 में से छह नमूने फेल हुए थे
पिछले साल होली 24 मार्च को मनाई गई थी। विभाग ने इससे पहले 16 से 24 मार्च के बीच शहर के साथ बिलग्राम, संडीला, शाहाबाद, पिहानी आदि कस्बों में जांच अभियान चलाया था। अभियान में अलग अलग प्रतिष्ठानों से 17 नमूने भरे गए थे। इन नमूनों को क्षेत्रीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ भेजा गया था। रिपोर्ट में पता चला था कि कचरी के तीन और मावा के दो नमूनों में मिलावट है। छेने का एक नमूना भी फेल हो गया था। उक्त मामले एडीएम के न्यायालय में विचाराधीन हैं। खास बात यह है कि मावा के एक नमूने की जांच रिपोर्ट अब तक आई ही नहीं है।





मेरठ की प्रयोगशाला में जांचे जाते हैं खाद्य पदार्थ

जिले में खाद्य पदार्थों के नमूनों को जांच के लिए क्षेत्रीय खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला मेरठ भेजा जाता है। यहीं से सभी नमूने की जांच रिपोर्ट समय-समय पर आती है। इसके अलावा प्रदेश में गोरखपुर, झांसी, वाराणसी, आगरा व लखनऊ में भी प्रयोगशाला हैं।
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पिछले साल होली के दौरान लिए गए मावा के एक नमूने की जांच रिपोर्ट अबतक प्रयोगशाला से नहीं आई है। इसके लिए दो बार पत्राचार भी किया गया है। वहीं, इस बार मिलावट खोरी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 6 मार्च से जिले के अलग-अलग हिस्सों में अभियान चलाया जाएगा। -कुमार गुंजन, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग
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