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आरईएस के वरिष्ठ लिपिक समेत तीन को प्रतिकूल प्रविष्टि

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हरदोई। 20 दिन पूर्व सोशल मीडिया पर वायरल हुए आरईएस में पैसों के लेनदेन के वीडियो की जांच में मामला रिश्वत की जगह उधारी के लेनदेन का सामने आया है। जांच अधिकारी डीडीओ अजय प्रताप सिंह ने वीडियो में मौजूद वरिष्ठ लिपिक, कनिष्ठ लिपिक और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से प्राप्त स्पष्टीकरण व वीडियो बनाने वाले व्यक्ति के बयान के आधार पर इस बात की पुष्टि की है। तीनों को सरकारी सेवक आचरण नियमों के उल्लंघन का दोषी मानते हुए प्रतिकूल प्रविष्टि जारी की गई है।
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29 मार्च को ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के वरिष्ठ सहायक संतोष कुमार राजवंशी, कनिष्ठ सहायक विनोद कुमार मिश्रा और चतुर्थश्रेणी कर्मचारी विमल कुमार यादव का वीडियो रुपयों की गिनती करते हुए वायरल हुआ था। वीडियो शेयर करने वाले ने पोस्ट में आरईएस में भ्रष्टाचार, एक लाख रिश्वत लेते बाबुओं की करतूत बेनकाब शीर्षक भी लिखा था।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद सीडीओ ने प्रकरण की जांच डीडीओ को सौंपी थी। तीनों आरोपी कर्मचारियों ने स्पष्टीकरण में बताया कि उन्होंने खाते से रुपये निकाले थे। इसके साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए। प्रकरण में दूसरे पक्ष वीडियो बनाने वाले शहर के भट्ठापुरवा मोहल्ला निवासी हसीब उर्फ छोटे गाजी ने भी लिखित बयान दिया कि वीडियो उन्होंने मजाक में कर्मचारियों के मध्य आपसी लेनदेन का बनाया था। उनके किसी परिचित ने बिना वीडियो वायरल कर दिया। डीडीओ ने जांच आख्या में तीनों कर्मचारियों को रिश्वत लेने के प्रकरण से बरी कर उन्हें सरकारी कर्मचारी सेवक नियमावली के उल्लंघन का दोषी बताया है।
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बड़ी कार्रवाई से बचाने के लिए छोटी कार्रवाई
वीडियो वायरल प्रकरण में तीनों कर्मचारियों को रिश्वत के आरोप से मुक्त किए जाने के बाद विभाग में चकचक शुरू हो गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार बड़ी कार्रवाई से बचाने के लिए प्रतिकूल प्रविष्टि जैसी कार्रवाई कर विभागीय अधिकारियों ने मामला ठंडा कर दिया है। प्रकरण को दबाने और साक्ष्यों को व्यवस्थित करने के लिए आरोपियों को पर्याप्त समय दिया गया। विभाग में चर्चा है कि तीनों आरोपियों को रिश्वत के आरोप में निलंबन और जेल भेजने की कार्रवाई की जानी चाहिए थी।
जांच अधिकारी की आख्या के आधार पर संबंधित कनिष्ठ लिपिक और चतुर्थश्रेणी कर्मचारी के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि जारी कर दी गई है। वरिष्ठ लिपिक पर प्रतिकूल प्रविष्टि के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अधीक्षक अभियंता को पत्र लिखा गया है। - एसके गुप्ता, अधिशासी अभियंता, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, हरदोई प्रखण्ड
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